वन महकमे की कमान संभालते ही कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दास्त नहीं किया जएगा। पहले दिन ही उन्होंने अपर प्रमुख सचिव वन से भ्रष्ट अधिकारियों से संबंधित पत्रावलियां तलब कर ली हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के निलंबन से लेकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति तक की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विधानसभा सत्र के दौरान विस भवन परिसर में स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आने वाले समय में वन विभाग में स्पष्ट पारदर्शिता दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल फायर सीजन शुरू हो गया है। वनों को आग बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अधिकारियों को जुटने के लिए कहा गया है।
जिस किसी प्रभाग में वनाग्नि की घटना घटेगी, उसके लिए संबंधित प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पर्यावरण को बचाए रखना जरूरी है, लेकिन वन कानूनों की आड़ में लोगों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। लोगों को वन कानूनों से किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके इंतजाम किए जाएंगे।
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अवैध पातन और वन भूमि पर अतिक्रमण पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राथमिक तौर पर उन्हें पता चला है कि बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कई रसूखदारों की ओर से अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से सबसे पहले कब्जाई गई वन भूमि को मुक्त कराया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग में होंगी नियमित नियुक्तियां
तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग में स्टाफ की कमी बताई गई है। इससे कामकाम प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि विभाग में अब तदर्थ नियुक्तियों की जगह नियमित नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि विभाग में सुधार के हरंसभव प्रयास किए जाएंगे।