मौजूदा डीजीपी सत्यव्रत के तीस सितंबर को रिटायर होने पर सरकार ने 1979 बैच के आईपीएस अफसर बीएस सिद्धू को प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया है।
मुम्बई में ताज व ओबराय होटलों पर हुए आतंकी हमलों में आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त रहते हुए भी सिद्धू ने अपनी टीम के साथ आतंकियों से मुकाबला किया था।
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चर्चाओं पर विराम
प्रदेश के नए डीजीपी को लेकर पिछले दो दिन से छाया कुहासा अंतत: पौने तीन बजे उस समय हटा जब मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बीएस सिद्धू के नाम पर मंजूरी देने के साथ ही सारे कयास और चर्चाओं पर विराम लग गया।
कयासबाजियों को पंख लग गए
इससे पहले सुबह ही अपने कार्यालय पहुंचे मौजूदा डीजीपी सत्यव्रत करीब ग्यारह बजे ही अपने विदाई समारोह में शरीक हुए। इसके बाद वह अपने कार्यालय पहुंचे और एकतरफा चार्ज अपने अधीनस्थ एडीजी प्रशासन अनिल रतूड़ी को हैंडओवर कर प्रस्थान कर गए। इसके बाद कयासबाजियों को पंख लग गए।
लेकिन लगभग पौने तीन बजे सीएम ने जैसे ही बीएस सिद्धू को नियुक्त करने वाली फाइल को मंजूरी दी तो पूरी बाजी पलट गई। सूचना मिलते ही मीडिया का हुजूम पीएचक्यू की तरफ दौड़ने लगा। इसी बीच पीएचक्यू के माहौल में भी पूरी तरह बदलाव दिखा। सत्यव्रत के जाने के बाद भ्रम की जो स्थिति बनी थी वह दूर हो गई और पूरी मशीनरी सरपट दौड़ने लगी। अफसरों को बधाई देने का तांता लगा रहा।
एसके भगत डीजी रूल एवं मैन्युअल बने
सिद्धू के अलावा सरकार ने विजिलेंस केनिदेशक एसकेभगत को डीजी रैंक में प्रमोशन के बाद अब डीजी रूल्स एवं मैन्युअल केपद पर तैनात किया है। क्योंकि पुलिस विभाग में डीजी के दो पद है। एक डीजीपी का और दूसरा रूल्स एवं मैन्युअल का। अब विजिलेंस के निदेशक का पद रिक्त हो गया है। फिलहाल अभी इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई।