वरिष्ठ आईपीएस बीएस सिद्धू को तमाम विवादों के बाद अंतत: डीजीपी के पद पर तैनाती पाने में सफलता मिल ही गई।
सीबीआई से लेकर देहरादून में फोरेस्ट विवाद ने एक बार तो सिद्धू की राह मुश्किल कर डाली थी। लेकिन कानूनी अड़चनों को पार कर के वह पुलिस विभाग के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचे।
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आय से अधिक संपत्ति जैसे कई मसलों पर सीबीआई ने जो जांच बीएस सिद्धू के खिलाफ शुरू की थी वह खुद उसी ने बंद कर प्रदेश सरकार को जानकारी दे दी।
मामला अभी न्यायालय में लंबित
इससे सिद्धू को बड़ी राहत मिली। राज्य सरकार ने भी गृह व न्याय विभाग से सभी तथ्यों का अध्ययन किया लेकिन सीबीआई के पीछे हटने से दावा मजबूत हो गया। ओल्ड राजपुर रोड पर पेड़ कटान के मामले में भी शुरू से आखिर तक सभी दस्तावेजों का मुख्यमंत्री ने खुद अवलोकन किया।
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वैसे भी उस मामले में सिद्धू वन विभाग के अफसरों के खिलाफ एफआईआर करा चुके हैं। मामला अभी हाई कोर्ट में है। कोर्ट ने इस मामले में एक संयुक्त कमेटी बनाने का आदेश भी शासन को दिया था। मामला अभी न्यायालय में लंबित है। उच्च न्यायालय भी कोई व्यवस्था दे सकता है।