नारी निकेतन में संवासिनी प्रकरण के खुलासे के बाद असहज शासन और समाज कल्याण विभाग अब कायदे से बालगृहों और नारी निकेतनों की वास्तविक स्थिति पता कर रहा है। निदेशक समाज कल्याण वीएस धनिक ने डिप्टी डायरेक्टर वंदना सिंह को समाज कल्याण के साथ महिला कल्याण की भी जिम्मेदारी दे दी है।
डिप्टी डायरेक्टर प्रदेश के सारे बालगृहों, नारी निकेतनों की वस्तुस्थिति पता कर रिपोर्ट देंगी। साथ ही त्रैमासिक निरीक्षण रोस्टर तैयार किया गया है।
निदेशक समाज कल्याण धनिक ने बताया कि विभागीय अफसर रोस्टर के मुताबिक हर तीन महीने में सभी बालगृहों और नारी निकेतनों का निरीक्षण करेंगे। संस्थाओं की व्यवस्था को बारीकी से देखने के बाद रिपोर्ट देंगे। साथ ही विभाग ने अफसरों की रिपोर्ट की सत्यता जानने के लिए क्रॉस चेकिंग की भी व्यवस्था कर दी है।
एक जिले के प्रोबेशन अधिकारी को दूसरे जिले के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी त्रैमासिक निरीक्षण रिपोर्ट को क्रॉस चेक करेगा। निदेशक का कहना है कि इससे कोई कमी छिप नहीं पाएगी।