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'गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने की ओर बढ़े रावत'

Mon, 03 Mar 2014 10:36 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के दिल्ली से लौटते ही मंत्रियों को विभाग बांट दिए जाने की चर्चा जमीन पर नहीं उतरी।
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विपक्ष का आरोप है कि हरीश रावत इस मामले में गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने की ओर बढ़ रहे हैं।

सोनिया गांधी से विचार विमर्श होगा
विगत दिवस जब मुख्यमंत्री हरीश रावत दिल्ली गए तो यही शोर था कि मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से विचार विमर्श होगा और जैसे ही मुख्यमंत्री देहरादून पहुंचेंगे तत्काल विभागों का बंटवारा हो जाएगा।

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मुख्यमंत्री आज भी गए है लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात। चुप्पी साधे हुए मंत्रियों में विभाग नहीं बंटने से आक्रोश पनप रहा है। यह भी नहीं कहा जा सकता कि मंत्रियों की चुप्पी बरकरार रहेगी या किसी भी दिन ज्वालामुखी फट जाएगा।
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वैसे भी इस फैसले से सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। मंत्रियों को महीने भर बाद भी विभाग नहीं देना, दल व सरकार दोनों की बदनामी करा रहा है।

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हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को विभागों का वितरण होना था, लेकिन चूंकि अधिसूचना राजभवन से होनी है इसलिए यह कार्य अब सोमवार को भी हो सकता है।

नेता प्रतिपक्ष ने भी मढ़ी तोहमत
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड विश्व में ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां पर मंत्री बगैर विभागों के एक महीने तक बेरोजगारी की हालत में रहे। मंत्रियों के पास कोई काम नहीं था। सरकार पूरी तरह फेल हो गई है।

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सरकार में राजनीतिक अराजकता का माहौल है। सभी विभागों की घोषणा खुद कर मुख्यमंत्री झूठी वाहवाही लूटना चाहते है। दैवी आपदा को 8 महीने बीत गए लेकिन चार धाम यात्रा के मार्गों का बुरा हाल है।
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प्रभावितों के लिए तो दूर की बात है, केदारनाथ मंदिर परिसर में सरकार पुजारी के लिए एक घर तक नहीं बना सकी। नेता प्रतिपक्ष ने हरक सिंह रावत के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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इस प्रकरण में मंत्री के साथ ही सरकार की भूमिका भी संदिग्ध है। मंत्री व लड़की दोनों ही मान रहे हैं कि उनकी पुरानी पहचान है।
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