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दून में डेंगू और स्क्रब टाइफस की दस्तक

Tue, 05 Aug 2014 04:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में एक बार फिर डेंगू और स्क्रब टाइफस ने दस्तक दी है।
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महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज
स्क्रब टाइफस के तीन और डेंगू के दो मरीज महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है।
दून के मोहित विहार निवासी एक महिला को कुछ दिन पूर्व अस्पताल लाया गया था।

सोमवार को महिला के खून की जांच में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। हिमाचल के पौंटा साहिब और उत्तरकाशी के मोरी ब्लाक के बैनोल गांव निवासी दो अन्य मरीजों में भी इस रोग के लक्षण पाए गए हैं।

तीनों का उपचार चल रहा है। इनके अलावा सहारनपुर के कुलड़ी खेड़ा और रुड़की के बांदाखेड़ी गांव के दो रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अस्पताल ने दोनों रोगों के मरीजों की देखभाल के लिए अलग से वार्ड बना लिया है।
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सरकारी अस्पताल में अभी व्यवस्था नहीं
बरसात में स्क्रब टाइफस और डेंगू की आशंका के बावजूद प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल में अब तक ऐसे रोगियों के लिए अलग से वार्ड नहीं बनाया गया है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने इसकी पुष्टि की।

यह हैं लक्षण
स्क्रब टाइफस: यह रोग जानवरों के शरीर पर पाए जाने वाले पिस्सू के काटने से होता है। बुखार, बदन दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, उल्टी, सिरदर्द स्क्रब टाइफस के लक्षण हैं।

शुरुआत में ही डॉक्टर से जांच करा ली जाए तो इस रोग पर काबू पाया जा सकता है। इलाज में देरी और लापरवाही मरीज की मौत की वजह बन सकती है।

डेंगू: मच्छर के काटने से व्यक्ति के खून में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। स्वस्थ्य मनुष्य में डेढ़ लाख से चार लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं। डेंगू रोगी में यह संख्या बीस हजार तक पहुंच जाती है, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।

मरीज के खून में प्लेटलेट्स की मात्रा चढ़ाई जाती है। पेशाब, खांसी या मसूढ़ों से खून आना और तेज बुखार डेंगू के लक्षण हैं। बिना योग्य चिकित्सक की राय के दवा देने से प्लेटलेट्स घटने का डर रहता है।
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डेंगू का मच्छर शाम के वक्त ही काटता है। यह रुके हुए, लेकिन साफ पानी में पनपता है। बचाव के लिए शाम के वक्त पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
(दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. एसडी जोशी से बातचीत पर आधारित)
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