उत्तराखंड में सर्दी बढ़ते ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि उत्पादन कम होते जा रहा है।
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इसके कारण प्रदेश में मांग और आपूर्ति के बीच की खाई भर नहीं पा रही है। इसी का नतीजा है कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अब भी कटौती जारी है।
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23 दिसंबर 2013 को प्रदेश में बिजली की मांग 3.3 करोड़ यूनिट थी, जबकि उपलब्धता 3.2 करोड़ यूनिट थी। प्रदेश की जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली का उत्पादन 1.1 करोड़ यूनिट हो पा रहा था, लेकिन चार जनवरी को बिजली की मांग बढ़कर 3.5 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच गई।
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जबकि उत्पादन कम होकर 90 लाख यूनिट पर आ गया। हालांकि ऊर्जा निगम की ओर से एक जनवरी से रोजाना 20 लाख यूनिट की अधिक की खरीददारी की जा रही है। इसके बावजूद बिजली की उपलब्धता महज 3.4 करोड़ यूनिट ही हो पा रही है।
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रोजाना लगभग 10 लाख यूनिट की कमी के कारण हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर सहित अन्य छोटे शहरों में कटौती की जा रही है। न्यूनतम तापमान में लगातार कमी होने से गीजर, हीटर व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे बिजली की मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।