फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रिपल मर्डर: बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े, देहरादून में एक साल में चार हत्या, अपराध में 17% बढ़ोतरी

Wed, 07 Oct 2026 09:08 AM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

बुजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से देश के बेहतर शहरों में गिने जाने वाले देहरादून में लगातार सामने आ रही हत्याओं ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में एक साल के भीतर चार बुजुर्गों की हत्या के मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पांच साल पहले 2021 में आए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में उत्तराखंड को बुजुर्गों के लिए देश का सबसे सुरक्षित राज्य बताया गया था।
विज्ञापन
देहरादून ट्रिपल मर्डर की घटना से परेशान लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से अच्छे शहर के रूप में देशभर में मशहूर देहरादून में ही बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक साल के भीतर राजधानी में चार बुजुर्गों की हत्या इन सवालों को बल दे रही है। पांच साल पहले आए 2021 में आए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में उत्तराखंड राज्य बुजुर्गों के लिए सबसे सुरक्षित बताया गया।

विज्ञापन


पिछले साल वर्ष 2024 की रिपोर्ट आई तो देशभर में बुजुर्गों पर होने वाले अपराध में 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि, उत्तराखंड की स्थिति बहुत ज्यादा खराब नहीं मानी गई लेकिन - देहरादून में जो इस वर्ष अपराध हुए वह चौंकाने वाले हैं। इस वर्ष ही चार बुजुर्गों की हत्या कर दी गई। हत्या की ही बात करें इससे पहले भी कई बड़े मामले सामने आए।

कहां लें जमीन, हर जगह हैं जालसाज
सुकून के लिए आशियाना बनाना भी जरूरी है। यही कारण है कि लोग सेवानिवृत्ति तक अपनी गाढ़ी कमाई को विभिन्न निवेश के जरिए जोड़ते और अंत में एक आशियाना बनाने के लिए जमीन की तलाश करते लेकिन यहां आशियाना बनाएं भी तो कहां हर जगह तो जालसाज गिद्ध दृष्टि लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...एक विलेन फिल्म जैसी वारदात: हत्या के पीछे की कहानी हर किसी को चौंका रही, तीन लोगों को उतार दिया मौत के घाट
विज्ञापन


हर साल यहां जमीन के नाम पर सैकड़ों की संख्या में सेवानिवृत्त लोग ठगे जाते हैं। जिन लोगों ने यहां कई इलाकों में जमीन लेकर छोड़ी तो उन्हें भी खुर्द-बुर्द करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। सेवानिवृत्त नौसेना अफसर की कोठी को इन्हीं माफिया किस्म के लोगों ने 2022 में ढहाकर कब्जे का प्रयास किया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें