इस मामले में जांच करते हुए एसटीएफ ने पिछले साल एक नाइजीरिया मूल के नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पता चला था कि उनके तीन भारतीय एजेंट भी हैं, जो इस काम में उनकी मदद करते हैं।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि तीनों युवक पहले विभिन्न कंपनियों के सिम डिस्ट्रीब्यूटर रह चुके हैं। इस बात का फायदा उठाकर इन्होंने दर्जनों प्री एक्टिवेटेड सिम लिए हुए थे। इन्हीं सिम के माध्यम से वे अलग-अलग अधिकारी-कर्मचारी बनकर लोगों को फोन कर अपने खातों में पैसे मंगाते थे। इनके पास से कई फर्जी आईडी भी बरामद हो सकती हैं, जिनके माध्यम से वे बैंकों में खाते भी खुलवाते थे।