आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की चर्चाएं हर महीने रह रहकर सोशल मीडिया पर सामने आती रही हैं। पिछले महीने अंतिम चर्चा यह हुई कि अब होली के बाद तबादले होने हैं। इसी बीच हुए विक्रम हत्याकांड के चलते यह सूची एकाएक फाइलों से बाहर बाहर आ गई।
बताया जा रहा है कि इस सूची को करीब डेढ़ महीने पहले ही तैयार कर लिया गया था। बात अगर तबादले के बाद मिली जिम्मेदारी की करें तो अजय सिंह अब फिर से अपनी पुरानी सीट एसटीएफ पर ही बैठेंगे। सिंह यहां पर दो साल से ज्यादा समय तक रहे थे। उस दौरान नकल माफिया पर कार्रवाई से लेकर साइबर फ्रॉड के कई खुलासे उनके नाम रहे।
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इसके बाद हरिद्वार का अल्पकालिक कार्यकाल भी ठीक रहा। इसके बाद जब देहरादून आए तो यहां कार्यकाल के करीब डेढ़ माह बाद ही रिलायंस डकैती कांड की चुनौती सामने आई। बदमाश पकड़े मगर रिकवरी अब भी पहेली बनी है। लगातार कई चुनौतियां आईं पर अब ऐसी चुनौती आई कि उन्हें विदाई ही दे गई। हालांकि, उन्हें जो जिम्मेदारी अब मिली है वह जिले के कप्तान से कमतर नहीं बल्कि बड़ी ही मानी जाती है।