सहारनपुर के दंगा पीड़ितों की मदद के लिए देहरादून का सिख समाज हाथ बढ़ा रहा है।
विभिन्न गुरुद्वारों और सिख संगठनों की संयुक्त बैठक में दंगे से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी बनाने की बात तय हुई।
अखिलेश सरकार बनी रही मूकदर्शक
इस दौरान दंगा रोकने में विफल रहने पर उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। बुधवार को गुरु नानक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दंगे के दौरान अखिलेश सरकार मूकदर्शक बनी रही।
मांग की गई कि यूपी सरकार को दंगा पीड़ितों को हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। बताया गया कि कमेटी दंगाग्रस्त क्षेत्रों में जाएगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर राहत कोष से मदद दी जाएगी।
बैठक में गुरु सिंह सभा के प्रधान राजेंद्र सिंह राजन, रेसकोर्स गुरुद्वारा प्रधान हरभजन सिंह, पटेलनगर गुरुद्वारा प्रधान गुरमीत सिंह दुग्गल, अकाल पुरख की फौज के देवेंद्र पाल सिंह, पार्षद देवेंद्र पाल, सेवा सिंह मठारू, सतनाम सिंह, सतपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे।
मोदी तक पहुंचाएंगे आवाज
बैठक में विभिन्न संगठनों की एकजुटता का भी सवाल उठा। तय हुआ कि अब से सिख समुदाय की समस्याओं पर संगठन अलग-अलग ज्ञापन देने नहीं जाएंगे।
यूपी सरकार के खिलाफ भी सभी संगठन साथ आएंगे, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यह मामला पहुंचाया जा सके।
बजरंग दल ने फूंका पुतला
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंक सहारनपुर दंगों पर विरोध जताया।
बुधवार दोपहर गांधी पार्क पर कार्यकर्ता जुटे और यूपी सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए घंटाघर पहुंचे। यहां पुतले को आग के हवाले किया गया। वक्ताओं ने कहा कि दंगे के दौरान यूपी सरकार लापरवाह बनी रही।
दंगे की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। पुतला फूंकने वालों में जिला संयोजक अमित तोमर, शरद आर्य, विजेंद्र सिंह, विहिप के महानगर मंत्री समय शर्मा, अमित गौतम, संदीप सिंह सन्नी, रोहित मौर्य आदि शामिल रहे।