‘डकैती को लेकर मुंह खोला तो नोएडा में बेटे का कत्ल कर देंगे’। यह धमकी देकर डकैताें ने आरटीओ कर्मचारी के परिवार को चुप रहने के लिए मजबूर कर दिया था। दहशतजदा परिवार ने अगले दिन ही पढ़ाई छुड़वाकर बेटे को नोएडा से वापस बुला लिया था। यह दावा है डकैती का शिकार हुए आरटीओ कर्मचारी का। उन्होंने बृहस्पतिवार को अपना दर्द मीडिया से साझा किया। कर्मचारी ने डकैती की रकम को लेकर आरोपियों के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि कानून राय लेने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर देंगे।
अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन और बसंत विहार निवासी आरटीओ कर्मचारी के यहां डकैती के दौरान बदमाशों ने दोनों परिवारों को डराने के लिए बेटों की हत्या की धमकी का सहारा लिया था। आरपी ईश्वरन अपने बेटे बंगाल क्रिकेट टीम के कप्तान अभिमन्यु की सुरक्षा के मद्देनजर रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहे थे। लेकिन, बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस को बुलाया था। इस मामले में पकड़े गए बदमाशों ने ही आरटीओ कर्मचारी के घर से एक करोड़ 34 लाख रुपये लूटने का सनसनीखेज खुलासा किया था। कई दिन से यह मामला गरमाया हुआ है।
आरटीओ कर्मचारी ने बृहस्पतिवार को नाम न छापने की शर्त पर पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बातचीत की। पीड़ित कर्मचारी का कहना था कि 26 मई की रात वे दो मेहमानों के साथ भोजन कर रहे थे। इसी बीच चार बदमाश घर में आ धमके। उन्होंने हथियारों के बल पर आतंकित कर कहा कि एक ट्रांसपोर्टर ने 20 लाख रुपये की सुपारी देकर उनकी हत्या के लिए भेजा है। यदि वो 40 लाख रुपये देने को तैयार हों तो वे उल्टा ट्रांसपोर्टर का मर्डर कर देंगे। बदमाशों ने उन पर पिस्टल तानी तो पत्नी ने आगे आकर उनकी जिंदगी की भीख मांगी थी। डर के मारे घर में रखी कुछ नगदी और पूरे जेवरात बदमाशों को सौंप दिए थे। बदमाशों ने धमकी दी थी कि यदि घटना को लेकर पुलिस को जानकारी दी तो नोएडा में बेटे का कत्ल कर दिया जाएगा। उन्होंने बेटे को अगले दिन ही नोएडा से बुला लिया था। पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि लूट में उनके घर से नगदी और जेवरात तो गए हैं, लेकिन एक करोड़ 34 लाख की बात सही नहीं है।