सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क। कुछ यही हाल है इन दिनों राजधानी की कुछ प्रमुख सड़कों का। हालात ये हैं कि शहर का मुहाना हो या अंदरूनी इलाका सब जगह लोग इन गड्ढों से बचते बचाते ही निकलते हैं। इन्हीं में से एक है आईएसबीटी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग, जहां से प्रवेश कर बाहरी राज्यों के लोग भी दून और मसूरी जाते हैं, लेकिन इन दिनों उनका सबसे पहला काम इन गड्ढों में सड़क ढूंढने का ही होता है।
दरअसल, दो साल पहले आईएसबीटी के फ्लाईओवर को जनता के प्रयोग के लिए खोला गया था। इससे पहले इसके आसपास की सड़क का बुरा हाल था। फ्लाईओवर तो खुल गया, लेकिन सड़कों को अब भी जस का तस रखा गया। कुछ दिन बाद सड़क की अप लेन में सीवर का काम हुआ तो इसे लगभग चार माह के लिए बंद कर दिया गया। हालात ये हुए कि डाउन लेन पर यातायात का दबाव बढ़ गया और वहां गहरे गड्ढे बन गए। सीवर का काम खत्म हुआ तो थोड़ी बहुत पैच वर्क कर इसे चालू कर दिया गया, लेकिन लापरवाह सिस्टम ने डाउन लेन को यूं ही छोड़ दिया। अब हालात ये हैं कि फ्लाईओवर के दोनों तरफ सर्विस लेन पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, जिनसे लोग बचते बचाते निकलने को मजबूर हैं।
कई बार क्षेत्र के लोगों ने इस सड़क की मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। -
लक्ष्मण सिंह
पिछले दिनों एक स्कूटर सवार इन्हीं गड्ढों में गिर गया था, जिसे गंभीर चोटें आईं थीं। तब भी क्षेत्र के लोगों ने संबंधित विभाग को पत्र लिखा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ ।-
बृजेंद्र
हमें तो लगता है कि जो बाहर से लोग यहां आते हैं तो उन्हें शहर की अंदरूनी तस्वीर भी यहीं से नजर आ जाती है। इस तरह के मार्ग देखकर वे घूमना तो दूर यहां से लौटने की ही सोचते होंगे। -
करन
पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी के अधिकारी यहां निरीक्षण करने आए थे, जिनके सामने लोगों ने इसकी मरम्मत करने की मांग की थी। उन्होंने आश्वासन तो दिया था, लेकिन मरम्मत आज तक नहीं हुई। -
शंभू प्रसाद