इससे पहले सुखविंदर सिंह की गत आठ सितंबर को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। सुखविंदर के खिलाफ भी रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में कई मुकदमे दर्ज थे। बता दें कि मौत का सिलसिला पिछले साल केपी सिंह से शुरू हुआ था। केपी सिंह एक मामले में जमानत तुड़वाकर सहारनपुर जेल में बंद हुआ था। उसके खिलाफ यहां देहरादून में भी एक के बाद एक मुकदमे दर्ज हो रहे थे। इसी बीच उसकी जेल में तबीयत खराब हो गई। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहले केपी सिहं फिर सुखविंदर और अब चाप सिंह की मौत इस मामले में किसी बड़ी साजिश की ओर ही इशारा कर रही है। कोई है जिसे अपने राज खुलने का डर है।
30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए रजिस्ट्री फर्जीवाड़े
बता दें कि पिछले साल जुलाई में रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें दो एसआईटी एक प्रशासन और एक पुलिस के स्तर पर गठित हुई थी। प्रशासन की एसआईटी ने मामलों की जांच की और मुकदमों की संस्तुति कर पुलिस के पास भेजा। पुलिस अब तक करीब 30 से ज्यादा मुदकमे दर्ज कर चुकी है। इसमें 20 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकतर मुकदमो में चार्जशीट भी पुलिस दाखिल कर चुकी है।