जिले के चार बड़े थानों के क्षेत्र को काटकर एक नया थाना नेहरू कॉलोनी बनाया गया था। इसमें शहर कोतवाली, क्लेमेंटटाउन, डालनवाला और डोईवाला के थोड़े-थोड़े क्षेत्र को शामिल किया गया था। ऐसा इन बड़े थानों के दूर-दराज के इलाकों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किया गया था।
नेहरू कॉलोनी थाना वर्ष 2007 में बनाया गया था। उस वक्त इसका भवन फव्वारा चौक पर हुआ करता था। लेकिन, बाद में इसके लिए नया भवन 2011 में हरिद्वार बाईपास स्थित दूरदर्शन बिल्डिंग के पीछे बनाया गया। तभी से इस क्षेत्र में बहुत से महत्वपूर्ण संस्थान भी आ गए।
नेहरू कॉलोनी से बदलकर फव्वारा चौक चौकी किया गया
इनमें दूरदर्शन भवन, आईआईपी, विधानसभा आदि प्रमुख हैं। जबकि, रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन और अन्य बड़ा रिहायशी इलाका भी इसी क्षेत्र में आता है। इसमें जनशक्ति यानी फोर्स की बात करें तो वर्तमान में यहां पर 90 अधिकारी कर्मचारी स्वीकृत हैं। लेकिन, वर्तमान में यहां पर आधे से भी कम करीब 40 पुलिसकर्मी ही तैनात हैं। इस थाने की तीन चौकियां फव्वारा चौक, जोगीवाला और हरिद्वार बाईपास है।
इनमें से दो चौकियों जोगीवाला और हरिद्वार बाईपास की हालत बेहद खराब है। तीसरी चौकी फव्वारा चौक काफी समय तक इस थाने के खुद के नाम से ही संचालित होती थी। पिछले साल इस चौकी का नाम नेहरू कॉलोनी से बदलकर फव्वारा चौक चौकी कर दिया गया था।
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रेसकोर्स में रहती है गफलत
इस थाने के बनने के बाद रेसकोर्स इलाके में क्षेत्र को लेकर गफलत भरा माहौल रहता है। पहले यह क्षेत्र सिर्फ दो थानों शहर कोतवाली और डालनवाला में बंटा था। लेकिन, जब नेहरू कॉलोनी थाना बना तो दोनों थानों का बहुत सा क्षेत्र इसमें चला गया। रेसकोर्स चौक की स्थिति यह है कि इस चौक के आसपास का क्षेत्र तीन थानों में लगता है।