कंटेनर की ब्रेक लाइट और हेड लाइड सभी खराब थे। उस वक्त वह एक होरिजोंटल डि्रलिंग मशीन लेकर कौलागढ़ जा रहा था। पुलिस इस मामले में जांच कर रही थी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी। कारण बताया गया था कि घटना के वक्त कार में सवार सिद्धेश अग्रवाल के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। अब करीब एक साल आठ दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।
इन धाराओं में हुई चार्जशीट
- बीएनएस-106(2)- वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाकर किसी को मारना।
- बीएनएस-61 (2)-आपराधिक षडयंत्र