देहरादून शहर के पांच चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल यातायात दबाव को देखकर खुद ग्रीन और रेड लाइट का टाइम बदल लेंगे। इन चौराहों पर सिग्नलों को ऑटोमेटेड मोड में कर दिया गया है। इसके साथ ही 49 चौराहों और तिराहों पर टाइमिंग में बदलाव किया गया है। यहां पर लगे कैमरे पर यातायात दबाव की निगरानी कर रहे हैं। यातायात निदेशालय के अनुसार जल्द ही इन जगहों पर भी ऑटोमेटेड मोड शुरू हो जाएगा।
ट्रैफिक सिग्नलों के संबंध में मिल रही थीं शिकायतें
निदेशक यातायात मुख्तार मोहसीन ने बताया कि विभिन्न चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नलों के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। यहां वक्त-बेवक्त सिग्नल के बंद होने या चालू होने पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसा इसलिए था कि वहां पर एक निर्धारित टाइम को रेड व ग्रीन लाइट के लिए फीड किया गया था।
मसलन, कभी जिस तरफ यातायात दबाव बिल्कुल नहीं है वहां पर रेड लाइट हो जाती थी। यही नहीं दूसरी तरफ यातायात का दबाव बढ़ रहा है और एक तरफ ग्रीन हो जाती थी। अध्ययन के बाद शहर के पांच चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नलों को ऑटोमेटिक मोड में करने का निर्णय लिया गया है। इनमें एटीसीएस (एडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम) को व्हीकल एक्चुएटेड मोड पर कर दिया गया है।
ये हैं पांच चौराहे
-दिलाराम चौक
-दर्शन लाल चौक
-किशननगर चौक
-फव्वारा चौक
-सहस्त्रधारा चौक
49 जगहों पर जल्द होगी नई व्यवस्था
यातायात निदेशक ने बताया कि इन चौराहों के अलावा 49 जगहों पर सिग्नल के टाइमर को बदला गया है। इसके अंतर्गत स्मार्ट सिटी और यातायात निदेशालय के अधिकारियों ने पिछले कई दिनों से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित डाटा बेस का विश्लेषण किया है। ज्यादातर स्थानों पर भौतिक निरीक्षण कर टाइमर बदले गए हैं। यह सब मंगलवार से लागू हो गया है। आमजन की सुविधा के लिए जब यह डाटा पर्याप्त हो जाएगा इसके बाद यहां पर ऑटोमेटिक मोड चालू हो जाएगा।
लेफ्ट टर्न पर सबसे ज्यादा होती है समस्या
ज्यादातर चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री होता है, लेकिन आगे निकलने की आपाधापी के चलते लोग लेफ्ट टर्न के रास्ते को ही घेरकर खड़े हो जाते हैं। यहां पर तैनात पुलिसकर्मी भी लोगों को समझाने का प्रयास करते हैं। कई बार ऐसी स्थिति में झगड़े तक की नौबत आ जाती है। कई चौराहों पर अस्थाई डिवाइडर लगाकर लेफ्ट टर्न को फ्री रखने का प्रबंध किया गया है।