ऐसे में राज्य का अपमान करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जो हिम्मत बंधाने का काम कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि संघर्ष करने वालों की मदद के लिए पूरा समाज खड़ा है। स्वरोजगार कर अपने पैरों पर खड़ा होने का प्रयास कर रही युवा पीढ़ी की मदद के लिए जिस तरह से लोग सामने आए हैं, उसे मैं कभी भूल नहीं सकूंगी।
प्रीति को सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के नाम से भी फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वो पीएमओ से बोल रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये उन्हें प्यारी पहाड़न का पता चला है। प्रीति ने बताया कि सामने वाले ने सुरक्षा समेत किसी भी तरह की मदद की जरूरत होने पर बताने को कहा।