लोगों को ऐसे विश्वास में लेकर उड़ाते थे उनकी रकम
पूछताछ में मुख्य आरोपी मिहिर अश्वनी और ललित उर्फ रोडी ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर से वह यूएसए और कनाडा के लोगों को ही टारगेट करते है। वहां के लोगों से संपर्क कर खुद को इंटरनेशनल एंटी हैकिंग एजेंसी का अधिकारी बताते थे और उनके कंप्यूटर सिस्टम के हैक होने और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उसका एक्सेस लेकर उसका इस्तेमाल किए जाने की झूठी जानकारी देते थे। इसके बाद उसे ठीक करने के लिए पॉप अप मैसेज के माध्यम से उनके सिस्टम का एक्सेस ले लेते थे। सिस्टम को ठीक करने के बहाने उनसे ठगी करते थे।
हवाला के माध्यम से विदेशों में भेजते हैं रकम
आरोपी कनाडा और यूएसए के लोगों से धोखाधड़ी कर फिथ थर्ड बैंक के माध्यम से रुपयों का लेनदेन करते है। इसके बाद रकम को हवाला के माध्यम से यूएसए में पहुंचाया जाता था। दून में गिरफ्तार आरोपियों की ओर से भेजे गए पॉप अप मैसेजों के दिए नंबर से ग्राहक इनसे संपर्क करते है। आरोपी इस पूरे गिरोह को चलाने और धोखाधड़ी करने के लिए कई सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन एप का प्रयोग करते हैं।
सेंटर से बरामद सामान
81 लैपटॉप, 42 मोबाइल फोन, 106 लैपटॉप चार्जर, 126 माउस, 29 डेस्कटॉप, 100 हेडफोन, 32 की-बोर्ड, 26 सीपीयू, 5 वाईफाई राउटर, एक महिंद्रा थार अदि।