मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ठगी करने के मामले में एसटीएफ ने गृह मंत्रालय को देश के 20 संदिग्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) की सूची भेेजी है। इन सीए की मदद से ही देश में दर्जनों फर्जी कंपनियां खोली गईं थी। इन्हीं कंपनियों में निवेश के नाम पर देश में सबसे बड़ी साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पॉवर बैंक एप के माध्यम से हुई ठगी के मामले में हर दिन कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को एक अन्य एप के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इन सबके बीच दर्जनों फर्जी कंपनियों को भी चिह्नित किया गया है। पता चला है कि इन कंपनियों को खुलवाने और हिसाब-किताब रखने वाले सीए भी मौजूद हैं। एसटीएफ ने पड़ताल की तो पता चला कि ये सीए दिल्ली, गुरुग्राम आदि जगहों के हैं। इनकी मदद से ही फर्जी कंपनियों का संचालन किया जा रहा है। एसटीएफ ने गृह मंत्रालय की टीम को इन सभी सीए की सूची प्रेषित कर दी है।
देशभर में 239 मुकदमे दर्ज
इस मामले से जुड़े देशभर में कुल 239 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें आठ उत्तराखंड में भी दर्ज किए गए हैं। अब तक की जांच में आए तथ्यों को राष्ट्रीय एजेंसी सीबीआई, आईबी और ईडी को भेजा जा चुका है। इनमें ईडी देश की एक क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज को नोटिस भी जारी कर चुकी है। अब भी कई एप्लीकेशन पर एसटीएफ लगातार नजर बनाए हुए है। इनमें होने वाले निवेश और अन्य गतिविधियों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
चीन से संचालित हो रहे एप पर नजर
एसटीएफ के मुताबिक ऐसे सभी एप पर नजर रखी जा रही है, जो चीन से संचालित हो रहे हैं। इन सभी एप के जरिये वित्तीय गतिविधियां हो रही हैं। इनमें ईजी प्वाइंट, सन फैक्ट्री, लाइटनिंग पॉवर बैंक, ईजी कॉइन, फिश प्लस आदि शामिल हैं। इन सभी के बारे में एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे भी जल्द राष्ट्रीय एजेंसियों को भेजा जाएगा।
मुख्यालय ने जारी किया अलर्ट
पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड की ओर से इस तरह के मामलों में अलर्ट जारी किया गया है। एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि पुलिस महानिदेशक की ओर से देश की कई एजेंसियों को इस संबंध में जानकारी दी है। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर भी इसकी जानकारी साझा की गई है, ताकि लोग इनके झांसे में न आएं।