अस्पतालों को संवेदनशील बनाने के लिए ट्रैनिंग प्रोग्राम चलाएं
राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि जिस तरह से दुष्कर्म पीड़िता के साथ अस्पतालों का असंवेदनशील रवैया सामने आया है, ऐसा भविष्य में न हो, इसके लिए आयोग की ओर से स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखा जा रहा है कि तमाम अस्पतालों के प्रशासन और कर्मियों को दुष्कर्म पीड़िता किशोरियों के लिए संवेदनशील बनाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाए।
आईएसबीटी कांड के समय गर्भवती थी पीड़िता
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि डॉक्टरों से परामर्श और केस की शुरुआती जांच से जाहिर हो रहा है कि आईएसबीटी कांड के समय किशोरी गर्भवती थी। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित उसके गृह क्षेत्र में उससे पहले भी दुष्कर्म की जीरो एफआईआर करके जांच के लिए भेजी गई है। पीड़िता के चचेरे भाई पर आरोप है।