देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को बॉलीवुड सितारों ने अपने अनुभव साझा किए। हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में आयोजित टॉक शो में अभिनेता आदित्य सील और अखिलेन्द्र मिश्रा ने सिनेमा से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सिनेमा की अपार सम्भावना होने के साथ यहां के युवाओं में भरपूर कला है। दूसरे सत्र में अभिनेत्री मीता वशिष्ठ ने अपने विचार साझा किए।
देहरादून शहर की शाम शुक्रवार को फिल्मी सितारों से रौशन हुई। दिग्गज अभिनेताओं ने अपने फेमस डॉयलॉग के साथ दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आगाज किया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
Dehradun Film Festival: इराक में मना ‘चिंटू का बर्थडे’ तो देहरादून में खूब बजी तालियां
राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी में शाम को एक के बाद फिल्मी सितारों के पहुंचने का सिलसिला शुरु हुआ, तो सितारों की झलक देखने के लिए दर्शकों की भी भीड़ जुटने लगी। अखिलेंद्र मिश्रा, गजेंद्र सिंह चौहान जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ ही युवा अभिनेता आदित्य सील और मनजोत सिंह को देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह रहा।
Dehradun Film Festival: फेस्टिवल में पहुंचे विनय पाठक, बोले- धर्म और जाति का भेदभाव मिटाएगी युवा पीढ़ी
बोले सितारे:
उत्तराखंड फिल्म नीति सराहनीय : मीता वशिष्ठ
प्रसिद्ध अभिनेत्री मीता वशिष्ठ ने उत्तराखंड की फिल्म नीति को सराहा। दून आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इसके साथ ही यहां सरकार की ओर से फिल्म नीति को लेकर किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। उत्तराखंड सरकार ने जिस तरह से यहां के दरवाजे खोले हैं, यकीनन यह भविष्य में सभी के लिए फायदेमंद होगा।
बाबा केदार की भूमि में आकर जीवन धन्य होगा : अखिलेंद्र मिश्रा
फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे दिग्गज अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि बाबा केदार, बदरीनाथ की इस भूमि में आकर जीवन धन्य होगा। ये अद्भुत अनुभूति है। इस दौरान अखिलेंद्र मिश्रा दर्शकों ने उनसे अपनी फिल्म के डॉयलॉग बोलने की मांग की। उन्होंने अपने फैंस के लिए जैसे ही ‘जूते की तल्ली कितनी भी मोटी हो सरकार जब घीसत है तो कीले चुभने लगती है। डॉयलॉग सुनाया तो सारा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उत्तराखंड वो पवित्र और पावन भूमि है, जहां से युधिष्ठिर स्वर्ग गए: गजेंद्र सिंह चौहान
गजेंद्र सिंह चौहान ने महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर अपने अभिनय के गहरी छाप छोड़ने वाले दिग्गज अभिनेता गजेंद्र चौहान की उपस्थिति ने फिल्म फेस्टिवल की शाम को और भी यादगार बनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वो पवित्र और पावन भूमि है, जहां से युधिष्ठिर स्वर्ग गए थे। इसलिए इस देवभूमि में आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इस दौरान गजेंद्र चौहान सीएम को उत्तराखंड फिल्म नीति को लेकर बधाई देने के साथ ही कलाकारों का हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि सिनेमा के विषय में आने वाले समय जो सुविधाएं मुख्यमंत्री की ओर से दिए जाने का आश्वासन दिया है उस पर बैठक होनी चाहिए, ताकि आगे इस पर काम किया जा सके।
पर्दे पर दिखाई उत्तराखंड की फिल्म नीति
सिंगल विंडो सिस्टम, यहां शूटिंग करना होगा आसान। इस थीम के साथ दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पर्दे पर उत्तराखंड फिल्म नीति के बारे में बताया गया। बताया गया कि आवेदन के दो सप्ताह के भीतर प्रदेश में कही भी शूटिंग की अनुमति मिलेगी। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उत्तराखंड में 50 प्रतिशत से अधिक शूटिंग करने पर प्रदेश में किया जाएगा फिल्म को टैक्स फ्री और 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग होने पर फिल्मों की पोस्ट प्रोडेक्शन लागत में अनुदान मिलेगा। क्षेत्रीय भाषा गढ़वाली कुमाऊंनी और और अन्य उत्तराखंड की बोलियों में बनने वाली फिल्मों के लिए अनुदान की व्यवस्था है।
यह सितारे रहे कार्यक्रम में मौजूद
फेस्टिवल के पहले दिन बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता केसी बोकाडिया, अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा, अभिनेत्री मीता वशिष्ठ, अभिनेता परमज्योत सिंह, गजेंद्र सिंह चौहान, मनजोत सिंह, आदित्य सील, कावेरी बामजई, डॉ. गुरुजी कुमारन स्वामी, विनय पाठक समेत उत्तराखंड के कई कलाकार मौजूद रहे।