उत्तराखंड के नव नियुक्त राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि) चीन और पाकिस्तान से जुड़े विषयों के माहिर माने जाते हैं। अपने चार दशक की शानदार सैन्य सेवा में उन्होंने उपलब्धियों के कई शिखर छुए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) को परम विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल जैसे महत्वपूर्ण फौजी सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।
सैन्य स्कूल कपूरथला से अपनी शिक्षा की शुरुआत करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि)ने फौजी अफसर के रूप में अपना प्रशिक्षण डिफेंस अकादमी पुणे से हासिल किया।
उच्च शिक्षा में बेहद रुचि है। उन्हें सैन्य विषयों में दो बार एमफिल की डिग्री मिल चुकी है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से वह शोध के विद्यार्थी रह चुके हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। सीमा से जुड़े मसलों और सैन्य विषयों पर वार्तालाप के लिए सात बार से ज्यादा वह चीन के दौरे कर चुके हैं।
इसी सिलसिले में वह दो बार पाकिस्तान का भी दौरा कर चुके हैं। वह ईरान में संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के प्रेक्षक भी रह चुके हैं। ईरान-ईराक सीमा पर उनका काम शानदार रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) कार्यवाहक जैसे एनजीओ में अहम रोल निभाते रहे हैं । यह संगठन ऐसे विशिष्ट लोगों से संबंधित है जो अपनी आय का 10 फीसदी समाज सेवा में देते हैं।