उन्होंने पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज मांगे। इसके साथ ही इन दोनों ने भागदौड़ न करनी पड़े इसके लिए भी कमीशन के तौर पर रुपये ले लिए। एंबेसी की फीस समेत 3.77 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए गए। कुछ दिन बाद उन्होंने वीजा भेजकर कहा कि उनका वीजा लग चुका है। इसकी जब उन्होंने एंबेसी से तस्दीक की तो पता चला कि यह वीजा तो फर्जी है। उन्होंने चिराग कपूर व त्रिशला के बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि इनके खिलाफ लुधियाना में भी कई मुकदमे इसी तरह के दर्ज हैं।