चकराता हाईवे किनारे झाझरा स्थित एक प्लॉट में रखे सिलेंडर से सोमवार सुबह से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों ने पहले दुर्गंध महसूस की तो उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद धीरे-धीरे आंख में जलन और फिर दम घुटने तक की समस्याएं सामने आने लगी।
इसके बाद सोमवार रात को पुलिस ने इलाके में खोजबीन शुरू की। देर रात इस प्लॉट तक पुलिस और स्थानीय निवासी पहुंच गए। करीब 150 परिवारों को दूसरे स्थानों तक पहुंचाया गया। मंगलवार सुबह इस सिलिंडर की गैस को नष्ट किया गया। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मौके पर सात सिलिंडर पड़े हुए थे। लेकिन, इनमे से सिर्फ एक ही सिलिंडर में गैस थी।
जांच में पता चला था कि यह प्लॉट आगरा निवासी दीपक गुप्ता का था। गुप्ता जल संस्थान को क्लोरीन गैस सप्लाई करता था। मगर, फरवरी 2018 में जल संस्थान के प्लांट से क्लोरीन के रिसाव के बाद इसके इस्तेमाल पर रोक लग गई थी।
ऐसे में गुप्ता को भी सप्लाई रोकनी पड़ी और उसने ये खाली व एक भरा हुआ सिलिंडर अपने झाझरा स्थित प्लॉट में रख दिए। बीते छह वर्षों से ये सिलिंडर यहीं पर पड़े थे। एसओ प्रेमनगर पीडी भट्ट ने बताया कि दीपक गुप्ता को समन जारी किया गया है। यदि वह देहरादून नहीं पहुंचता तो उसे गिरफ्तार करने के लिए टीम रवाना की जाएगी।