वन विभाग और पुलिस टीम ने संयुक्त छापेमारी की कार्रवाई करते हुए एक व्यापारी के घर से हिरन (सांभर) के आठ सींग बरामद किए हैं।
सींग एक प्लास्टिक के कट्टे में स्टोर में छिपाकर रखे हुए थे। विभागीय टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। उपप्रभागीय वनाधिकारी दून ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वाइल्ड लाइफ एक्ट- 1972 सेक्शन नौ, 39, 41 और 42 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
मंगलवार शाम सूचना पर ऋषिकेश रेंज के वनक्षेत्राधिकारी गंगासागर नौटियाल और कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक एसएस बिष्ट ने अधीनस्थों के साथ पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित एक घर पर दबिश दी। विभागीय टीम ने छापेमारी की कार्रवाई करते हुए घर के पिछले हिस्से में बने एक स्टोर से प्लास्टिक का कट्टा कब्जे में लिया।
कट्टा खोला तो विभागीय टीम दंग रह गई। कट्टे में हिरन के सींग भरे हुए थे। मौके से गृहस्वामी श्याम सुंदर गुप्ता को वन्य जीव तस्करी के आरोप में हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी रायवाला सैन्य छावनी स्थित एक कैंटीन में रोजमर्रा के सामान की सप्लाई करता है। वन विभाग इसे बड़ी सफलता मान रहा है।
अधिकतम सजा सात और न्यूनतम तीन साल
वन विभाग के मुताबिक हिरन के सींग घर पर रखना गैरकानूनी है। मामले में अधिकतम सात साल और न्यूनतम तीन साल की सजा का प्रावधान है।
शक्तिवर्धक दवा में उपयोगी
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक हिरन के सींग का प्रयोग शक्तिवर्धक दवा के लिए किया जाता है। छोटे बच्चे को खांसी जुकाम होने और पसलियां चलने पर सींग को घिसकर छाती पर लेप भी लगाते हैं। इस लिहाज से इनकी तस्करी की जाती है।
साजिशन फंसाया गया
वन्य जीव तस्करी के मामले में हिरासत में लिए गए व्यापारी श्याम सुंदर गुप्ता ने विभागीय टीम को बताया कि उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। बताया कि उसका भाई से प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में लंबित है। पत्नी और बच्चे नहीं हैं। घर पर अकेला रहता हूं।