अधेड़ महिला से सामूहिक दुराचार के बाद उसकी हत्या के दोषियों दो युवकों को फांसी की सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अपराध 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' की श्रेणी में आता है, दोषियों के लिए आजीवन कारावास पर्याप्त नहीं है, इनके लिए जीवित रहना समाज हित में घातक है। दुराचार का यह मामला दिसंबर 2012 का सहसपुर थाना क्षेत्र का है।
सहसपुर थाना क्षेत्र के तहत सभावाला की रहने वाली 55 साल की महिला 29 दिसंबर वर्ष 2012 को दोपहर बकरियां चराने के लिए जंगल गई थी, लेकिन महिला देर शाम तक घर नहीं लौटी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रात आठ बजे उसका शव झाड़ियों में पड़ा मिला, उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, जबकि शरीर में जगह जगह चोट के निशान थे, प्रकरण की जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में दो युवकों मेहताब एवं सुशील उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया था।
बलात्कार कर हत्या के इस मामले की विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अमित कुमार सिरोही की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बृहस्पतिवार 23 जनवरी को दोनों युवकों को दोषी करार दिया था।
इन धाराओं में हुई सजा
अदालत ने मेहताब एवं सुशील उर्फ भूरा को हत्या के अपराध के आरोप में दोषी पाते हुए मृत्यु दंड की सजा एवं पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है, अदालत ने कहा कि दोषियों की गर्दन को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु कारित न हो जाए। वही गैंग रेप में आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 3(2)(v) एससी, एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
डे टू डे हुई सुनवाई
अदालत में मामले की डे टू डे सुनवाई हुई, अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 19 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश हुए। डे टू डे सुनवाई के चलते एक साल में मामले का फैसला आ गया।
महिला और नौ वर्ष की बच्ची की गवाही रही अहम
शासकीय अधिवक्ता जयकृष्ण जोशी के मुताबिक घटना वाले दिन जंगल में पत्ती काट रही एक महिला और उसकी नौ साल की बच्ची की गवाही अहम रही, दोषी दोनों युवकों ने महिला से पीड़ित महिला के बारे में पूछा था।
पुलिस ने किए थे स्केच जारी
जंगल में पत्ती काट रही जिस महिला से दोषी दोनो युवकों ने पीड़िता के बारे में पूछा था, उसकी महिला के बताने पर पुलिस ने दोनो युवकों का स्केच जारी किया था। इसके अलावा घटना स्थल से पुलिस ने दोषी युवक का कमीज का टुकड़ा बरामद किया था। कमीज के इस टुकड़े में मृतका के खून के निशान पाए गए थे।
मामले की पैरवी करने वाले पुलिसवालों को इनाम
बुजुर्ग महिला से सामुहिक दुराचार और हत्या के मामले में दोनों अभियुक्तों को अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने पर एसएसपी केवल खुराना ने मामले की पैरवी कर रहे पुलिस वालों की सराहना की है।
एसएसपी ने मामले की मॉनीटरिंग कर रहे तत्कालीन सीओ डॉ. जगदीश चंद्र को प्रशस्ति पत्र, विवेचनाधिकारी तत्कालीन सहसपुर थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी और सहसपुर थाने के कोर्ट पैरोकार विजेंद्र को एक-एक हजार रुपए इनाम की घोषणा की है।
इन पुलिसकर्मियों के सर्विस बुक में भी इसको दर्ज किया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी और ठोस साक्ष्य जुटाने में काफी मेहनत की।