उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय और शासन के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा का वेतन हो या आयुष दाखिलों की काउंसिलिंग, सभी मामलों पर विवि अपनी जिद पर अड़ा हुआ है। पिछले लंबे समय से डॉ. मृत्युंजय मिश्रा को वेतन जारी नहीं हो रहा है।
उन्होंने अपने पिता के कैंसर के इलाज का हवाला देते हुए शासन से वेतन निर्गत करने की मांग की थी। इस मामले में शासन स्तर से तीन पत्र आयुर्वेद विवि को भेजे जा चुके हैं लेकिन अभी तक वेतन जारी नहीं हुआ है। मामले में शासन सख्त निर्देश भी दे चुका लेकिन बेअसर नजर आए।
वहीं, विवि में आयुष दाखिलों को लेकर भी काफी नाराजगी शासन ने जताई थी, जिसके बावजूद खाली सीटों पर एडमिशन की काउंसिलिंग का नोटिफिकेशन विवि ने जारी कर दिया है। विवि में कुलसचिव पद पर प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी को तैनाती देने का आदेश हुआ था, जिसे विवि प्रशासन ने नकार दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह गतिरोध कहां तक जाएगा।
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वेतन व अन्य मामलों पर विवि को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे जा चुके हैं। आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रेश कुमार, सचिव आयुष