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श्मशान पहुंचते ही जिंदा हो गया मुर्दा

Wed, 27 Aug 2014 07:09 PM IST
अमर उजाला, लैंसडौन
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पौड़ी के लैंसडौन में श्मशान घाट पर एक ऐसा करिश्मा हुआ कि वहां मौजूद सारे लोग आश्चर्यचकित रह गए। मृतक के अंतिम संस्कार के लिए परिजन जैसे ही मृतक को लेकर श्मशान घाट पर पहुंचे तो मुर्दा जिंदा हो गया।
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घाट पर उसके लिए चिता सजाने वाले ग्रामीणों के भी आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। परिजन खुशी-खुशी उसे लेकर गांव लौट आए, लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा समय नहीं रह सकी। वह केवल एक रात ही जिंदा रह सका और बुधवार सुबह चल बसा।

यह वाकया मंगलवार को लैंसडौन के गौयूं गांव निवासी जयानंद के साथ हुआ। दरअसल, जयानंद (61) लंबे समय से बीमार चल रहा था। कई दिनों से जौलीग्रांट अस्पताल के आईसीयू में वेंटीलेटर पर था।
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उसके बचने की कोई आस नहीं रही, तो परिजन उसे अस्पताल से घर ले जाने लगे। अस्पताल के पास ही उसके शरीर की हरकत बंद हो गई।
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चिता पर रखने वाले थे तभी हुआ ज‌िंदा

जयानंद को मृत समझकर रिश्तेदारों ने लैंसडौन में रह रहे उसके परिजनों को यह दुखद सूचना दी और खुद उसे लेकर हरिद्वार आ गए। हरिद्वार में उसकी चिता सजाई ही जा रही थी कि अर्थी में हरकत शुरू हो गई। आनन-फानन में जयानंद को हिलाया डुलाया गया तो वह बात करने लगा। इसपर सभी लोग उसे लेकर लैंसडौन लौट गए।

परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम जयानंद को लेकर वे हरिद्वार से लैंसडौन पहुंचे जहां बुधबार सुबह उसकी मौत हो गई। ग्रामीण संग परिजन एक बार फिर उसके अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार के उसी घाट पर ले गए, जहां से बीते दिन वह जिंदा लौट आया था।

उनका यह कहना है कि अस्पताल से घर लौटते समय जब उसके शरीर में हरकत बंद हो गई तो कई लोगों ने उसकी नाड़ी की जांच की पर उसके दिल की धड़कनें बंद थीं। हालांकि किसी डॉक्टर ने उसकी जांच नहीं की। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
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