उत्तराखंड के टिहरी में मरी बकरी का मांस खाने से ग्राम पंचायत असेना और दयूरी गांव के 40 लोग बीमार पड़ गए। इनमें 18 महिलाएं, 15 पुरुष और 7 बच्चे शामिल हैं।
उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर बीमार लोगों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। बाद में इलाज के बाद सभी लोगों की स्थिति में सुधार होने पर उन्हें चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई।
मरने पर बांट दिया बकरी का मांस
तीन मार्च को एक भेड़ पालक की बकरी मर गई थी। मरी बकरी का मांस लेकर भेड़ पालक गांव में पहुंच गया। उसने मांस असेना और दयूरी गांव में बांट दिया। रात को मांस खाने के बाद दूसरे दिन सुबह कुछ लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
बच्चे भी बीमार होने लगे। तब लोग बच्चों को लेकर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी पहुंचे।
ये हुए बीमार
स्वास्थ्य केंद्र में रजनी देवी, सपना, खुशी देवी, राम दयाल, साक्षी, राम लाल, चैता देवी, माडया लाल, लक्की, रूक्सा देवी, कृष्णा, संजू, छौदाडी, विमला, आशा, देव, अनिता, प्रतिमा, देवकी, शूरवीर, अवतार, सुभाष, अनमोल, पवन, सुमित, सुमति, सुशील, रीना, दर्शनी, सरिता, कविता, सौणी, राकेश, बुद्धि लाल, नरेंद्र, सुषमा, देवीकी, रिया, विद्या, श्रीयश को भर्ती किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा.श्याम विजय ने बताया कि बीमार सभी लोगों को उपचार के बाद चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि मरी बकरी में कुछ इनफेक्शन हो सकते हैं। इसलिए उल्टी दस्त की समस्या हुई है। सात लोग ही उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। अन्य लोग उसी भय से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।