प्रदेश में 135 नशा मुक्ति केंद्रों ने कराया पंजीकरण
प्रदेश ने बीते वर्ष मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम की नियमावली लागू की है। इसके तहत प्रदेश में 135 नशा मुक्ति केंद्रों पंजीकरण कराया है। अब इन केंद्रों का एक साल बाद स्थायी पंजीकरण कराया जाएगा। विभाग का आशंका है कि प्रदेश में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या पंजीकरण से अधिक हो सकती है। इसके लिए निगरानी व मूल्यांकन में तेजी लाई जाएगी।
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मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
बैठक में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से वर्तमान गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की गई। सचिव स्वास्थ्य ने सभी विभागों से आग्रह किया कि प्रदेश को नशा मुक्ति बनाने की मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाएं। जनजागरूकता ही नशा मुक्ति की सबसे सशक्त दवा है। इसके लिए शहर से लेकर गांव तक जागरूकता अभियान चलाएं।
अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर कठोर कार्रवाई
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, प्रदेश में किसी भी बिना पंजीकरण नशा मुक्ति केंद्र को संचालित नहीं होने देंगे। ऐसे सभी केंद्र जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते, उन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।