हिमाचल में खुद ही रोड बना रहे कुछ लोग
अभी तक की पड़ताल में पता चला है कि हिमाचल में कुछ लोग खुद ही रोड बना रहे हैं। इसके लिए उन्हें डायनामाइट की आवश्यकता थी। ऐसे में उन्होंने इन लोगों से संपर्क किया। तीनों ने सीताराम से संपर्क कर डायनामाइट खरीद लिया। अभी तक की जानकारी में आया है कि वहां जो रोड बन रही है उसमें सरकारी संस्था शामिल नहीं है। यही कारण है कि यह डायनामाइट अवैध रूप से ले जाया जा रहा था।
मछली पकड़ने में भी होता है डायनामाइट का इस्तेमाल
डायनामाइट का इस्तेमाल मुख्य रूप से खदानों और पहाड़ों को तोड़ने के लिए किया जाता है मगर बहुत जगह इसका अवैध रूप से भी इस्तेमाल होता है। इसका सही से प्रयोग न हो तो ये बड़ा नुकसान कर सकते है। सड़क कटिंग के लिए होने वाले बिस्फोट से भी पहाड़ में भूस्खलन सक्रिय हो सकता है। इससे जानमाल का भी नुकसान संभव है। इसके अनियंत्रित बिस्फोट से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसमें मछली पकड़ने के लिए भी इसका बड़ा प्रयोग होता है। कुछेक जगहों पर बड़े-बड़े तालाबों में डायनामाइट का विस्फोट किया जाता है। इससे मछलियां ऊपर आ जाती हैं और फिर जाल डालकर मछलियों को पकड़ लिया जाता है। विस्फोट के कारण बहुत सी मछलियां मर भी जाती हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये तीनों इस विस्फोटक को किन किन लोगों को सप्लाई करने वाले थे।