पीड़िता के बयानों में विरोधाभास
इसके बाद अब वह इन युवकों को फंसाने की बात कर रहा था। इन बयानों के बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता को दुष्कर्म का आरोपी मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल शुरू हुआ, तो करीब सात गवाह पेश किए गए। इसके बाद बचाव पक्ष की दलीलों को भी कोर्ट ने सुना। कोर्ट ने माना कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास है। पीड़िता आरोपियों में से एक से शादी करना चाहती थी। उसके पिता ने जब इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो पीड़िता ने उसे बचाने के लिए अपने पिता पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस मामले में संदेह का पूरा लाभ पीड़िता के पिता को देते हुए कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
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युवक से कर चुकी है पीड़िता शादी
जिस युवक के खिलाफ पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था, उससे वह शादी कर चुकी है। यह शादी भी उसने कोर्ट के ट्रायल के दौरान ही की। वर्तमान में पीड़िता अपने पति के साथ रह रही है।