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दो साल बाद फैसला: बेटी के लगाए कलंक से पिता आजाद, दोस्त को बचाने के लिए रिश्ते को कर दिया था शर्मसार

Fri, 20 May 2022 04:32 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

बयानों के बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता को दुष्कर्म का आरोपी मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल शुरू हुआ, तो करीब सात गवाह पेश किए गए। इसके बाद बचाव पक्ष की दलीलों को भी कोर्ट ने सुना। कोर्ट ने माना कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दोस्त को बचाने के लिए बेटी ने पिता पर ही दुष्कर्म का आरोप लगा दिया था। करीब दो साल मुकदमा चला, तो कोर्ट ने बेटी के लगाए इस कलंक से पिता को आजाद कर दिया। कोर्ट ने माना कि पीड़िता ने अपने पिता से नफरत के चलते यह आरोप लगाया था। विशेष जज पाक्सो मीना देऊपा की कोर्ट ने पिता को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।

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बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि ऋषिकेश कोतवाली में जुलाई 2020 को मुकदमा कराया गया था। शुरुआत में पीड़िता के पिता ने दो युवकों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि इन युवकों ने बेटी के साथ नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया है।

इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल और फिर मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए। इन बयानों में वह अपने मौखिक बयानों से पलट गई। उसने आरोपियों में से एक युवक को दोस्त बताया था। बताया था कि वह उससे शादी करना चाहती है। पीड़िता ने अपने पिता पर आरोप लगाया कि वह उससे कई महीनों से दुष्कर्म करता आ रहा है। 

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पीड़िता के बयानों में विरोधाभास

इसके बाद अब वह इन युवकों को फंसाने की बात कर रहा था। इन बयानों के बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता को दुष्कर्म का आरोपी मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल शुरू हुआ, तो करीब सात गवाह पेश किए गए। इसके बाद बचाव पक्ष की दलीलों को भी कोर्ट ने सुना। कोर्ट ने माना कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास है। पीड़िता आरोपियों में से एक से शादी करना चाहती थी। उसके पिता ने जब इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो पीड़िता ने उसे बचाने के लिए अपने पिता पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस मामले में संदेह का पूरा लाभ पीड़िता के पिता को देते हुए कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। 

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युवक से कर चुकी है पीड़िता शादी 

जिस युवक के खिलाफ पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था, उससे वह शादी कर चुकी है। यह शादी भी उसने कोर्ट के ट्रायल के दौरान ही की। वर्तमान में पीड़िता अपने पति के साथ रह रही है।
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