मानो वृक्ष रो रहा हो...
बीमारी से प्रभावित वृक्ष की टहनियों और पत्तियों में बीमारी के लक्षण मिले, टहनियों में जगह-जगह पर दरारें पड़ गई थी और उनमें से एक काले रंग का गाढ़ा द्रव्य निकल रहा था। यह पूरे वृक्ष में जगह-जगह दिखाई देता है। ऐसा लगता है मानो वृक्ष रो रहा है। यह बीमारी वृक्ष की ऊपरी पत्ती और टहनी से शुरू होती है। इस बीमारी के कारण वृक्ष कमजोर हो जाता है और उस पर दूसरी बीमारी और कीड़े लग जाते हैं।
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तीन से छह साल में सूख जाता है वृक्ष
मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन कहते हैं कि एओडी की चपेट में आने के बाद पेड़ तीन से छह साल में सूख जाता है। इस बीमारी का कारण क्या है? अभी तक इसके बारे में ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
वृक्ष में जो बैक्टीरिया मिले हैं, उससे बीमारी हुई है या बीमारी के बाद बैक्टीरिया आए हैं, अभी इसके बारे में पता चलना और जानकारी सामने आना बाकी है। पर बीमारी का एक कारण जलवायु परिवर्तन को भी माना जा रहा है, जिन 100 पेड़ों में यह बीमारी देखी गई है उसमें कई पेड़ सूखने की स्थिति में है, कुछ सूख गए हैं। जिन वृक्षों में बीमारी मिली है, वह देहरादून से मसूरी जाने की तरफ पहले पड़ते हैं, पहले यहां पर काफी बर्फबारी होती थी, जो अब नहीं होती है।