रुढ़ीवादी नितियों के खिलाफ देहरादून जिले के विकासनगर में दलितों की महापंचायत में आवाज मुखर हुई।
आराधना ग्रामीण विकास केंद्र समिति के तत्वावधान में आयोजित दलित महापंचायत में रुढीवादी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और एकजुटता का आह्वान किया गया।
इस मौकै पर वक्ताओं वक्ताओं ने कहा कि दलितों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दलितों को मंदिर में प्रवेश करा आराधना ग्रामीण विकास समिति ने जौनसार बावर क्षेत्र में दलितों को समान अधिकार दिलाने की वकालत की है।
डाक पत्थर में आयोजित इस महापंचायत में समिति के संरक्षक दौलत कुंवर ने कहा कि पोखरी गांव में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान राजनेताओं के इशारों पर सांसद तरूण विजय और उन पर हमले की साजिश रची गई।
वीडियो के माध्यम से गांव-गांव जाकर क्षेत्र के राजनीतिक दलों को बेनकाब किया जाएगा। कहा आज भी जौनसार बावर के कई मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं करने दिया जाता।
लड़ी जाएगी दलितों के हकों की लड़ाई
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समिति की अध्यक्ष सरस्वती कुंवर ने कहा कि समिति ने हमेशा से ही दलितों की लड़ाई लड़ी है। आगे भी जोश और उत्साह के साथ दलितों के हकों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
कार्यक्रम में मौजूद रंगकर्मी नंदलाल भारती ने घटना को उत्तराखंड की छवि को खराब करने वाला करार दिया। भाजपा नेता विपुल अग्रवाल ने कहा कि दोषियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। जनजाति क्षेत्र की सारी कानून व्यवस्था राजस्व पुलिस के हवाले है। जिस कारण यहां के दलितों को न्याय नहीं मिल पाता है।
इस मौके पर विद्या गौतम, हरि सिंह, केसर दास, नरेंद्र सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, भास्कर चुग, अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह बुटोइया, संतराम, बाबूराम, गजेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, संजय खत्री आदि मौजूद रहे।
सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
पोखरी प्रकरण से सबक लेते हुए शासन-प्रशासन ने महापंचायत के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ ही दंगा नियंत्रण वाहन को तैनात किया गया था। पूरी स्थिति पर सीओ चंद्रमोहन सिंह और कोतवाल संदीप नेगी दिनभर नजर रखे हुए थे। महापंचायत पर खुफिया विभाग की भी नजरें थी।