उत्तराखंड में दलितों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। पिछले दिनों उन्हें क्षेत्र के एक मंदिर में नहीं जाने दिया गया और अब दलितों को बंधक बनाने की दो घटना सामने आई हैं।
देहरादून के विकासनगर में सहसपुर पुलिस ने दलित परिवार को बंधक बनाने और उसका वेतन न देने के आरोप में पॉली हॉउस स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस आरोपों की जांच में जुट गई है। तहरीर में बंगोती तहसील चकराता निवासी नितेश पुत्र कचलू दास ने कहा कि वह चार नवंबर 2015 को बरोटीवाला स्थित पीसी चंदेल के पॉली हॉउस में पहुंचा। अगले ही दिन पीसी चंदेल ने उसे नौकरी पर रख लिया।
पॉली हॉउस स्वामी ने उससे कुछ और लोगों को नौकरी के लिए बुलाने को कहा। जिस पर नितेश ने अपनी पत्नी मनीषा और भाई संजू को भी बुला लिया। छह नवंबर से वह भी काम में जुट गए। एक माह बीतने के बाद जब उसने वेतन के लिए कहा तो पॉली हॉउस स्वामी ने दो माह का वेतन एक साथ देने की बात कही।
नितेश का आरोप है कि पॉली हॉउस स्वामी वेतन के लिए उन्हें टालता रहा। आरोप लगाया कि जब उन्होंने दोबारा से पॉली हॉउस स्वामी से वेतन मांगा तो पॉली हॉउस स्वामी ने तीनों को कई दिनों तक एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की।
पॉली हॉउस स्वामी और उसकी भाभी ने नितेश की गर्भवती पत्नी तक के साथ मारपीट की। उल्टा छोड़ने के लिए उनसे 20 हजार रुपये की मांग की गई। कहा कि उनके किसी परिचित ने हस्तक्षेप कर उन्हें मुक्त कराया। पॉली हॉउस स्वामी ने उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी। थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।