उत्तराखंड का डाटा कब्जाया, नहीं मिलेगा
माकोप रैनसमवेयर से साइबर हमलावर ने उत्तराखंड का डाटा कब्जा लिया है। उसकी मांग पूरी होने की सूरत में ही वापस मिल सकता है। गनीमत यह है कि इसमें से ज्यादातर डाटा बैकअप से ले लिया गया है।
इतना खतरनाक है माकोप रैनसमवेयर
यह सिस्टम की जानकारी एकत्र कर सकता है। विंडोज के कार्यों को खुद संभाल लेता है। ड्राइव, फोल्डर्स को खोजने पर रोक लगा देता है। हार्डवेयर, मेमोरी पर कब्जा कर लेता है। सिस्टम के अधिकार व पहुंच को कब्जा कर उसमें हेरफेर कर सकता है। अगर खुद छेड़छाड़ करेंगे तो पूरा डाटा खत्म कर देगा। विशेष की दबाने तक छिपा रहेगा और उसे दबाने पर पूरे सिस्टम पर फिर निगरानी शुरू करने की क्षमता रखता है। यह फाइलों को एनक्रिप्ट कर देता है। फोल्डर तक अपनी पहुंच बना लेता है।
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कुछ बड़े रैनसमवेयर हमले
मार्च 2022 में ग्रीस की डाक व्यवस्था रैनसमवेयर का शिकार हुई। भारत की की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक ने मई 2022 में रैनसमवेयर हमला झेला, जिससे उड़ानें रद्द हो गईं। यात्री फंस गए थे। मई 2021 में एक अमेरिकी ईंधन पाइपलाइन ने रैनसमवेयर हमले के बाद अपने हजारों कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी रोकने के लिए सेवाएं बंद करनी पड़ी। दुनिया का सबसे बड़ा मांस आपूर्तिकर्ता मई 2021 में रैनसमवेयर हमले का निशाना बन गया। अपनी वेबसाइट को अस्थायी रूप से ऑफलाइन करने और उत्पादन रोकने के बाद कंपनी ने बिटकॉइन में 11 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फिरौती दी।