हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में एक गांव में एक सीआरपीएफ के दारोगा की पत्नी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण गृह क्लेश बताया जा रहा है। हालांकि सुसाइट नोट में आत्महत्या का जिम्मेदार किसी को नहीं बताया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खानपुर के रहने वाले पाल्लू की बेटी प्रविता की शादी ग्राम ढाढेकी निवासी सतीश के साथ हुई थी। सतीश उर्फ नीटू दिल्ली में सीआरपीएफ में एसआई के पद पर कार्यरत है। प्रविता बृहस्पतिवार की रात ही दिल्ली से अपने दोनों बच्चों लव और परी के साथ अपने मायके खानपुर आई थी।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे अपने दोनों बच्चों को खानपुर छोड़कर अपने भाई आदेश के साथ कुछ कागजात लेने ससुराल में सुबह करीब साढ़े छह बजे पहुंची। भाई उसे वहां छोड़कर किसी काम से चला गया।
सीने पर तस्वीर, बगल में सुसाइड नोट
कुछ देर तक प्रविता अपने कमरे में कागजात तलाशती रही, इसी दौरान उसने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। घरवालों को इस घटना का पता कुछ देर बाद चला। सतीश के भाई अशोक कुमार ने बताया कि प्रविता का कमरा घर के मुख्य हिस्से से थोड़ा बाहर होने के कारण प्रविता के आने का किसी को पता ही नहीं चला।
सुबह करीब आठ बजे सतीश की मां ने प्रविता के कमरे में बिजली जली देखी तो किसी के अंदर होने का आभास हुआ। उसने वहां जाकर देखा तो भौचक्की रह गई। प्रविता का खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़ा था।
प्रविता ने सीने पर पति सतीश की तस्वीर रखी हुई थी। पुलिस ने मौके पर से सुसाइट नोट भी मिला हैं। सुसाइड नोट के दो पन्नों में उसने बिना किसी दबाव के ऐसा करने की बात कही है।
लिखा, मेरे शरीर पर सिर्फ मेरे पति का अधिकार
वही आत्महत्या का कारण गृह क्लेश बताया जा रहा है। एसएसआई प्रमोद उनियाल ने बताया कि शव और पिस्टल दोनों को मौके पर बरामद कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस को मामले में अभी तक तहरीर नहीं मिली है। घटना से पूरे गांव में शोक छा गया।
और दबा दिया ट्रिगर
प्रविता ने सुसाइड नोट के जो पन्ने कमरे में छोड़े हैं, उनमें अपने दोनों बच्चों का ध्यान रखने की बात भाई को संबोधित करते हुए लिखी है। पुलिस ने बताया कि उसने पत्र में लिखा कि वह अपने पति से बहुत प्रेम करती है और उसके शरीर पर केवल उसी का अधिकार है।