पुलिस कस्टडी में मारपीट मामले में दून अस्पताल के दो डॉक्टर डॉ. नवनीत बेदी और डॉ. चेतन गिरोटी ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश होकर लिखित में अपना जवाब दाखिल किया। वहीं डॉ. निधि उनियाल के कोर्ट में पेश नहीं होने पर अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए 18 जून तक का वक्त दिया है।
अदालत ने कहा कि उन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया तो यही समझा जाएगा कि उन्हें कोई स्पष्टीकरण नहीं देना है। ऐसे में मामले में एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
एसओ और एसआई पर केस हो चुका है दर्ज
जमीन की धोखाधड़ी और षड़यंत्र के आरोपी से पुलिस कस्टडी में मारपीट के आरोप में प्रेमनगर थाने के थानाध्यक्ष और पुलिस उप निरीक्षक के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हो चुका है। वहीं मामले में दून अस्पताल के तीन डॉक्टरों के पैनल की आठ जून 2016 की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट पर कोर्ट ने सवाल उठाए थे।
रिपोर्ट में लियाकत अली को फिट होना बताया गया था जबकि एक्सरे रिपोर्ट में उसका दाहिना हाथ फ्रैक्चर पाया गया। इस पर प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार बर्मन की कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अभियुक्त की एक्सरे रिपोर्ट की अनदेखी करते डॉक्टरों के पैनल ने लगता है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों से मिलीभगत करते हुए उन्हें बचाने के आशय से रिपोर्ट तैयार की है। अदालत ने तीनों डॉक्टरों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश होकर जवाब देने को कहा था। अधिवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को डा. नवनीत बेदी और डा.चेतन गिरोटी कार्ट में पेश हुए।