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मकान पर कब्जे के लिए दो युवकों ने बुजुर्ग को मार डाला

Sat, 29 Apr 2017 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
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पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी - फोटो : amarujala
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राजधानी देहरादून में हत्या का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मकान हड़पने के लालच में दो युवकों ने बुजुर्ग को पहले जमकर शराब पिलाई। उसमें नशे की गोलियां भी डाली। ताकि हत्या की साजिश का उसे इल्म भी न हो सके।
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नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र की मंगल बस्ती में मकान बेचने से मना करने पर दो युवकों ने बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को चिड़ियापुर के जंगल में नहर में फेंक दिया। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन शव अभी बरामद नहीं हो पाया है। 

शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय में सीओ डालनवाला हरभजन सिंह ने बताया कि पिछले साल 27 दिसंबर को तुलसी राम पुत्र दुसई पाल निवासी मंगल बस्ती राजीव नगर ने अपने भाई गंगा राम (65) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में मामले को अपहरण में तरमीम किया गया।
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जांच में पता चला कि पड़ोसी सावान पुत्र सगीर अहमद निवासी पोंडरी कला, थाना नागल, बिजनौर और मेहताब निवासी जीतपुर पडली, बिजनौर को आखिरी बार गंगाराम के साथ देखा गया था। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो मर्डर का खुलासा हो गया। 
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गंगाराम के मकान पर थी सावान की नजर

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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गंगाराम अपने मकान में अकेला रहता था। इसे सावान खरीदना चाहता था, लेकिन गंगाराम तैयार नहीं था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से छह लाख 60 हजार का फर्जी विक्रय अनुबंध पत्र तैयार किया। इस पर किसी तरह गंगाराम का अंगूठा लगवाया गया। इसके बाद अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि सावान कारपेंटर और मेहताब मजदूरी का काम करता है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। 

पुलिस के अनुसार, आरोपी गंगाराम को घर से कार में बैठाकर डोईवाला होते हुए लालतप्पड़ ले गए। यहां उन्होंने शराब खरीदी। इसके बाद रायवाला में सावान और गंगाराम ने शराब पी। सावान ने गंगाराम को जान बूझकर ज्यादा शराब पिलाई और उसमें नींद की गोलियां भी डाल दी थीं। आरोपी गंगाराम को बेहोशी की हालत में ऋषिकेश ले गए। उनकी योजना उसे गंगा में फेंकने की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए।

इसके बाद दोनों ने हरिद्वार होते हुए चिड़ियापुर के जंगल के पास नहर किनारे ले जाकर गला दबाकर गंगा राम की हत्या कर दी और शव को बोरी में बांधकर नहर में फेंक दिया। उन्होंने गंगाराम की जेब से मिले फोटो पहचान पत्र एक पत्थर के नीचे दबा दिया। ताकि, शव की शिनाख्त न हो सके। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पत्थर के नीचे से पहचान पत्र बरामद कर लिया। हालांकि, अभी शव बरामद नहीं हो पाया है।
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