अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटे किशोर के मामले में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उनसे पुलिस अधिकारी भौचक्के रह गए हैं। यह पूरा मामला किशोरों को फर्जी किन्नर बनाकर उनसे पैसा मंगवाने का बताया जा रहा है।
इस गोरखधंधे के तार एक ओर जहां पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) और मेरठ से जुड़े बताए गए हैं, वहीं ज्वालापुर में भी कुछ स्थानों पर छापे मारने का दावा पुलिस कर रही है। उधर, बृहस्पतिवार को पुलिस ने किशोर को हरिद्वार स्थित किशोर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस की मानें तो कोर्ट में किशोर ने बताया कि ज्वालापुर स्थित जिस कमरे में उसे रखा गया था, वहां एक किन्नर लड़कियों जैसे व्यवहार करने की ट्रेनिंग देता था। यह किन्नर कहीं बाहर से आता था। जिस कमरे में उसे रखा गया था वहां छह-सात बच्चे और भी थे। पीड़ित ने बताया कि करीब छह-सात लोग इस मामले में संलिप्त हैं।
एएसपी प्रहलाद नारायण ने बताया कि कोर्ट में किशोर ने बताया कि मंगलवार रात को चांद और उसके साथी उसका अपहरण कर रहे थे। इससे पहले भी सात दिनों तक उन्होंने ज्वालापुर स्थित एक कमरे में उसे रखा था। आरोपियों द्वारा गलत काम किए जाने की बात पीड़ित ने खुलकर नहीं कही है।