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प्रेमिका को कहा 'बेटा ' और गोली चला दी

Fri, 10 Oct 2014 12:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मड़ियाव क्षेत्र में नायकनगर में बृहस्पतिवार दोपहर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र ने सीने पर तमंचा सटाकर खुद को गोली से उड़ा दिया।
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पुलिस की छानबीन में कमरे में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्र ने खुद को मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि सुसाइड नोट में महिला मित्र का जिक्र करने से पुलिस को प्रेम-प्रसंग में खुदकुशी का आंदेशा है।

पुलिस ने बताया कि उरई निवासी कानूनगो बृजभान अहिरवार का बेटा राहुल कुमार (24) वहां के एक निजी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था।

वह दो साल से मड़ियांव के नायक नगर में वर्षा आहूजा के मकान में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:30 बजे राहुल ने सीने पर तमंचा सटाकर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर वर्षा छत पर गईं तो राहुल को बेड पर खून से लथपथ देखा।

उन्होंने इसकी जानकारी राहुल के ममेरे भाई प्रशांत को दी। कुछ देर बाद प्रशांत वहां पहुंचा और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।

सुसाइड नोट में किया प्रेमिका का जिक्र

मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर छानबीन कराई। पुलिस को बेड पर तमंचा और सुसाइड नोट मिला।

जिसमें लिखा है ‘मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं, डैड लास्ट डे ऑफ माई लाइफ।’ आगे लिखा है- ‘बेटा मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता हूं, तुम जहां रहो खुश रहो।’

पुलिस को अंदेशा है कि छात्र ने किसी लड़की को संबोधित कर बेटा लिखा है और प्रेम प्रसंग में खुद को गोली से उड़ाया है।
पुलिस मृतक छात्र का मोबाइल फोन जब्त करके जांच कर रही है।

पुलिस ने छानबीन करके शव पोस्टमार्टम को भेजा है। इंस्पेक्टर मड़ियांव रघुवीर सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में छात्र ने किसी लड़की को संबोधित कर बेटा लिखा है। इससे अंदेशा है कि प्रेम प्रसंग में उसने जान दी है।
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पढ़ाई के गम में कर ली सुसाइड

आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई अधूरी छोड़ने से निराश युवती बृहस्पतिवार को फंदे से लटक गई। छोटे भाई के शोर मचाने पर लोग पहुंचे।

जब तक लोग युवती को फंदे से उतारकर ले गए तब तक देर हो चुकी थी। सुसाइड नोट में उसने मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है।

गाजीपुर के शेखपुरां कसैला निवासी मनीषा (22) दोपहर के समय घर पर छोटे भाई लकी के साथ थी। प्राइवेट गाड़ी चलाने वाले पिता प्रदीप गुप्ता काम से गए थे, जबकि मां शशि प्रभा बैंक गई थी।

इस दौरान मनीषा ने कमरे में दुपट्टे का फंदा बना फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पहुंचे लकी ने बहन को लटका देख शोर मचाया।

इस पर पहुंचे पड़ोसी फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस को छानबीन में कमरे से सुसाइड नोट मिला है।

इसमें उसने अपनी मर्जी से खुदकुशी की बात लिखी थी। वहीं बेटी के शव पर बिलख रहे प्रदीप ने कहा कि गरीबी ने बेटी की जान ले ली। बताया कि पैसा न होने की वजह से मनीषा को पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।

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