फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस के एक सवाल से पकड़ा गया वाहन चोरों का गिरोह

Thu, 22 May 2014 07:06 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार की सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 18 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं। पकड़े गए चार आरोपियों में तीन वाहन चोरों के साथ चोरी के वाहनों को खरीदने वाला एक व्यक्ति भी पकड़ा गया है।
विज्ञापन


आरोपी मुजफ्फरनगर और रुड़की क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। मास्टर चाभी का इस्तेमाल कर आरोपी लॉक बाइकों और अन्य दुपहिया वाहनों पर भी आसानी से हाथ साफ कर देते थे।
Trending Videos

एक के बाद एक खुलती गईं कड़ियां

बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस टीम ने अरुण वर्मा, कुलदीप उर्फ संजय निवासी मोहल्ला राम का टीला मुजफ्फरनगर और राजेश निवासी गांव सुनारी इकबालपुर झबरेड़ा को चोरी के तीन दुपहिया वाहनों के साथ धर दबोचा।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मंगलवार को तीनों को हिरासत में ले लिया था। लंबी पूछताछ में चोरों ने कबूला कि वह चोरी कर वाहन दुकानदार इकराम निवासी मोहल्ला किला मंगलौर को बेचने के लिए देते थे।

एसओजी और पुलिस टीम ने दबिश देकर इकराम के यहां से 15 दुपहिया वाहन बरामद किए। एसएसपी के अनुसार, सभी वाहन रुड़की और मुजफ्फरनगर क्षेत्र से चोरी किए गए थे। इस दौरान एसपी देहात अजय सिंह, कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।

तीन से पांच हजार में बेच देते थे बाइक

वाहन चोरी का खुलासा करने वाली टीम की एसएसपी सदानंद दाते ने पीठ थपथपाई है। टीम में एसएसआई आरके जुयाल, एसओजी के दरोगा रफत अली, रंगमोहन, लोकेंद्र, कपिल, जाकिर हुसैन, अंकुर चौधरी, रियाज अली, महिपाल शामिल रहे।

तीनों आरोपी दुपहिया वाहन चोरी कर महज तीन से पांच हजार रुपये में परचून की दुकान चलाने वाले इकराम को बेच देते थे। इकराम आगे देहात क्षेत्र में दुपहिया वाहन कुछ हजार रुपये कमाकर बेचता था।

यही नहीं, आरोपी मुजफ्फरनगर के वाहन रुड़की क्षेत्र और यहां के वाहन मुजफ्फरनगर में बेचते थे। ये खुलासा आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में किया है।
विज्ञापन

पुलिस के इस सवाल से खुल गई पोल

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अगर कहीं पुलिस चेकिंग कर रही होती थी तो वे कागज या डीएल न होने का बहाना बनाकर चोरी के वाहन सीज करा लेते थे और खिसक लेते थे।

लेकिन, इस बार आरोपी इसलिए फंस गए क्योंकि पुलिस ने इनसे पहला सवाल ही वाहन के नंबर को लेकर किया था, जो आरोपी बता नहीं पाए। आरोपियों ने मुजफ्फरनगर में भी तीन वाहन ऐसे ही सीज कराए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें