हरिद्वार जिले को चोर और बदमाशों ने अपना गढ़ बना लिया है। यहां बदमाश दस दिन के भीतर आधा दर्जन लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
बदमाश फिर हुए सक्रिय
शहर में लूटपाट, डकैती और चोरी की पिछली घटनाओं का खुलासा हुआ नहीं कि बदमाश फिर सक्रिय हो गए हैं। मगर पुलिस एक का भी खुलासा नहीं कर पाई है।
गौरतलब है कि घटनाओं को अंजाम देने के तरीके से साफ है कि यह वही गिरोह है, जो जून और जुलाई में सक्रिय था।
जून और जुलाई में शहर में लगातार कई चोरियां और डकैती की वारदात हुईं। लोगों की मानें तो शहर में अपराध बढ़ने का कारण पूर्व में हुई घटनाओं का खुलासा न होना है।
वहीं पुलिस वारदात को रोकने का दावा तो करती है, लेकिन घटना पुरानी होने के साथ-साथ पुलिस उसे ठंडे बस्ते में डाल देती है।
नहीं रखते बड़े हथियार
चोरी, लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश हर बार ग्रिल निकालकर घर में घुसे। ये सभी कच्छा बानियान या लुंगी में थे। वहीं इनके पास ऐसे हथियार नहीं थे, जिनसे किसी की जान चली जाए।
सिर्फ डराने के मकसद से ये चाकू या किसी वजनदार चीज से वार करते थे। अगर किसी घर में घरवाले नहीं उठे तो ये चोरी करके फरार हो जाते थे। अगर कोई जाग जाता था तो ये हमला कर देते थे।
पुराने और नए सभी अपराधों का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी थाना और कोतवाली प्रभारियों को अपराधियों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
- जेएस भंडारी, एसपी सिटी
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