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उत्तराखंडः सेक्स पावर के चक्कर में बुरे फंसे सेना के जवान

Fri, 10 Jul 2015 08:26 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में सेक्स पावर बढ़ाने वाली जड़ी के चक्कर में सेना के दो जवान बुरे फंस गए। पढ़ें, पूरा मामला...
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दून पुलिस ने प्रतिबंधित दुर्लभ कीड़ाजड़ी (यारसागंबू) की तस्करी करने के आरोप में दो सैन्य कर्मियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक त्रिपुरा राइफल्स से निलंबित और दूसरा एमएच (मिलिट्री हॉस्पिटल) में तैनात बताया गया है। दोनों के पास से करीब 700 ग्राम कीड़ाजड़ी बरामद करने का दावा किया गया है। इसकी कीमत लाखों रुपए में बताई गई है। बता दें कि इस जड़ी का उपयोग यौन शक्ति वर्धक दवाएं आदि बनाने में किया जाता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि नेहरू कॉलोनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पल्सर मोटर साइकिल से दो लोग प्रतिबंधित कीड़ाजड़ी को बेचने के लिए आईएसबीटी होते हुए ऋषिकेश जा रहे हैं।
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हरिद्वार बाईपास चौकी प्रभारी प्रदीप नेगी ने बाइक को रोककर तलाशी ली तो दोनों के पास से करीब 700 ग्राम कीड़ाजड़ी बरामद हुई। दोनों युवकों ने अपने नाम योगंबर सिंह रावत निवासी सेवला कलां पटेलनगर और दिलीप निवासी गढ़ी कैंट बताए।
रावत त्रिपुरा राइफल्स की पांचवीं बटालियन से निलंबित है, जबकि दिलीप एमएच में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। दिलीप मूल रुप से बरेली के मंडी रोड का रहने वाला है। कागजात न दिखाने पर बाइक को सीज कर दिया गया है।

बताया कि प्रतिबंधित कीड़ाजड़ी को ये लोग सीमांत जनपदों से लाए हैं। एसएसपी ने एसओ मुकेश त्यागी, उप निरीक्षक प्रदीप नेगी, सुनील राणा, ललित कुमार, अमित कुमार को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। सीओ डालनवाला प्रमोद कुमार और सीओ सिटी मनोज कत्याल भी इस दौरान उपस्थित रहे।
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आरोपी कुछ पुलिस कुछ और कहती रही

प्रेसवार्ता के दौरान कीड़ाजड़ी बरामदगी का खुलासा पुलिस ने आधी-अधूरी जानकारी के साथ किया। कीड़ाजड़ी कहां से लाए, इस सवाल का जवाब पुलिस नहीं दे पाई। एक बार तो जवाब देने के बजाए पुलिस कर्मी आरोपियों को लेकर चले गए। बाद में एसएसपी के निर्देश पर आरोपियों को फिर लाया गया।

पुलिस सीमांत इलाकों से कीड़ाजड़ी एकत्र किए जाने का दावा कर रही थी। वहीं, दोनों आरोपियों ने इसे प्रिंस चौक से किसी व्यक्ति से खरीदने की बात कही। कहा कि वे उस व्यक्ति को जानते तक नहीं हैं। योगंबर सिंह ने ये भी कहा कि वह तो लालच की वजह से इस मामले में फंस गए।

नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
प्रेसवार्ता के बाद पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि कीड़ाजड़ी की तस्करी करने वालों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इसका अभी खुलासा करना उचित नहीं होगा। कई और नाम आए हैं, जिनकी तलाश में कार्रवाई चल रही है। जल्द ही सभी कानून के शिकंजे में होंगे।

कहां पाई जाती है कीड़ाजड़ी
कीड़ाजड़ी पहाड़ के ऊंचे इलाकों में बर्फ के बीच पाई जाती है। कहा जाता है कि पहाड़ी क्षेत्र और नेपाल के लोग ही बेहद दुर्लभ कीड़ाजड़ी को खोज पाते हैं। स्थानीय स्तर पर इसकी डिमांड ज्यादा नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बहुत अधिक है।

क्या है कीड़ाजड़ी
कीड़ाजड़ी की सबसे ज्यादा मांग नेपाल और चीन में है। कीड़ाजड़ी की कीमत 9 से 15 लाख रुपए किलो तक होती है। कीड़ाजड़ी का वैज्ञानिक नाम यारसागंबू है। इसे हिमालयी वियाग्रा या हिमालयी गोल्ड भी कहा जाता है।

हिमालयी क्षेत्र में बर्फ पिघलने के बाद मई से जून अंत तक इसे निकाला जाता है। तिब्बत के ताकलाकोट, ल्हासा, टेंचू के साथ ही चीन के बीजिंग समेत तमाम शहरों में क्लब और शोरूम में यारसागंबू की बिक्री होती है। इसका इस्तेमाल यौन शक्तिवर्धक और अन्य दवाओं में होता है। लोग इसके रस को बीयर और जूस में मिलाकर पीते हैं।
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