बिल्डर यशपाल टंडन के घर दो महीने पहले पड़ी इडी की फर्जी रेड की मास्टर माइंड करनाल की निशा उर्फ रेखा रही। टंडन के करीबी दीपक मनचंदा ने पांच लाख रुपये चुकाने के लिए छापे में मोटी रकम मिलने की मुखबिरी की थी। पुलिस ने निशा के पति धर्मपाल भाटिया और साजिशकर्ता मनचंदा को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अभी पांच लोग फरार बताए जा रहे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि रेसकोर्स निवासी बिल्डर यशपाल टंडन के आवास पर दो नवंबर 2015 को ईडी के अधिकारी बनकर फर्जी रेड डालकर 22 लाख रुपये कैश और जेवरात हड़पकर चंपत हो गए थे।
रेड में दो युवतियां और छह लोग फर्जी अधिकारी बनकर आए थे। पुलिस ने 26 नवंबर को दो युवतियों बेबी और राखी निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया था। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने होमवर्क जारी रखा और हरियाणा के करनाल के हांसी रोड पर छापा मारकर धर्मपाल भाटिया को पकड़ने के साथ ही क्लेमेंटाउन क्षेत्र के गोकुल एंक्लेव निवासी दीपक मनचंदा को दबोचा लिया।
रेड के मामले में पांच लोग अब भी बताए जा रहे फरार
एसएसपी ने बताया कि दीपक कई साल से बिल्डर यशपाल से जुड़ा है। इसी बीच टंडन ने दीपक को पांच लाख रुपये उधार भी दिए थे। यह रकम चुकाने के लिए दीपक मनचंदा ने धर्मपाल भाटिया की पत्नी निशा उर्फ रेखा से मिलकर फर्जी छापे में टंडन के घर से मोटी रकम मिलने की मुखबिरी की थी।
मालूम हो कि दीपक मूलरूप से करनाल का होने की वजह से निशा से उसकी जान पहचान पुरानी है। निशां ने दिल्ली में रहने वाले अपने भाई प्रदीप के साथ मिलकर अक्षय कुमार स्टारर फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर फर्जी रेड की योजना बनाई।
योजनाबद्ध तरीके से प्रदीप दिल्ली से पूरी टीम लेकर आया था, जबकि निशां, दीपक और धर्मपाल पास के एक होटल में ठहरकर कार्रवाई पर नजरें जमाए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने बताया कि पूरी रकम लेकर प्रदीप फरार है। प्रदीप के अलावा इस घटना में चार लोग और शामिल थे, जिनकी तलाश में दबिश चल रही है।
एसपी सिटी अजय सिंह के निर्देशन में गुडवर्क करने वाली टीम के इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट, लक्खीबाग चौकी प्रभारी राकेश शाह, कांस्टेबल मनमोहन सिंह, अरविंद भट्ट और कुलदीप को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
पुरानी रेड के झांसे में आए टंडन
ईडी की फर्जी रेड के दौरान बिल्डर यशपाल टंडन को बड़े शातिराना अंदाज से अपने झांसे में लिया था। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि कई माह पहले टंडन के दोस्त और दीपक मनचंदा के चाचा विजय मनचंदा के यहां इनकम टेक्स की रेड पड़ी थी। अधिकारियों ने कार्रवाई में टंडन को गवाह बनाया था।
भीतर घुसते ही जालसाजों ने टंडन पर मानसिक दबाव बनाने के लिए उसी रेड का जिक्र करते हुए वहां की कई बातें बताई। यह सुनकर टंडन चुप्पी साध गए थे। यह सब दीपक मनचंदा ने ही निशा को बताया था।
टूट गया विश्वास
बिल्डर यशपाल टंडन अपने करीबी दीपक मनचंदा की संलिप्तता से सकते में हैं। टंडन बोले, एक बार तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ था। सारी सच्चाई सुनकर उनका विश्वास टूट गया है। दोस्त का भतीजा होने से दीपक को उन्हाेंने परिवार का सदस्य ही माना था। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया।