विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई की अदालत ने इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के फर्जीवाड़े के आरोपी बटलर सुरेश कुमार के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
लाखों रिश्वत लेने का आरोप
सुरेश पर सात अभ्यर्थियों से छह लाख 30 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। कुछ रकम उसने नगद तो कुछ खाते में ट्रांसफर कराई थी। एकेडमी में अगस्त 2013 को सिविल डिफेंस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हुई थी।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान तरुण कुमार और आरके शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक वेटर ने सात अभ्यर्थियों से पैसा लिए हैं। आईएमए ने कोर्ट ऑफ इनक्वायरी की तो पाया गया कि भर्ती के लिए छह लाख 30 हजार रुपए लिए गए थे।
जांच में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद एकेडमी प्रशासन ने सुरेश को नौकरी से हटा दिया था। एकेडमी ने अप्रैल 2014 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई मनिंद्र मोहन पांडे की अदालत ने शनिवार को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए।
सीबीआई ने बनाए 27 गवाह
इस मामले में सीबीआई ने आईएमए अफसरों सहित 27 गवाह बनाए हैं। सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ फर्जीवाडे़ और षड्यंत्र के आरोप में मामला दर्ज कर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
लेकिन बटलर के लोक अधिकारी की श्रेणी में न होने पर मामले को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई की अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था। साथ ही षड्यंत्र की धारा हटा दी गई।