मोबाइल के जुनून में एलबीएस अकादमी में आईटीबीपी चौकी में खून-खराबा कर फरार सिपाही ने चंडीगढ़ में सरेंडर कर दिया। देहरादून पुलिस चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई है। हत्यारोपी चंद्रशेखर को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जाएगा। फिलहाल, असलहे और कारतूस की जानकारी नहीं मिल पाई है।
इससे पहले पुलिस यह आशंका जता रही थी कि चंद्रशेखर लिफ्ट लेकर फरार हो गया है। सक्रियता में देरी की वजह से फरारी के लिए उसे काफी वक्त मिल गया था। वारदात से पहले आरोपी द्वारा खाते से मोटी रकम निकालना भी कई सवालों को जन्म दे रहा था।
मसूरी में आईटीबीपी के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र लाल की हत्या और जवान अख्तर हुसैन के घायल करने की वारदात के काफी देर बाद पुलिस और आईटीबीपी सक्रिय हो पाई थी। इसका पूरा फायदा हत्यारोपी चंद्रशेखर का मिला और फरार हो गया।
आईटीबीपी और पुलिस उसकी तलाश में कंपनी बाग में लगी रही, लेकिन वह कैंपटीफॉल से फरार हो गया था। चौबीस घंटे की भागदौड़ के बाद पुलिस और आईटीबीपी मानकर चल रही थी कि आरोपी अब इलाके में नहीं है। कैंपटीफॉल से रात के वक्त गए प्राइवेट वाहनों के चालकों से पूछताछ की गई थी, लेकिन किसी ने भी आईटीबीपी के जवान को ले जाने की पुष्टि नहीं की।