अपर सचिव को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार नीरज चौहान को अदालत में पेश किया गया।
देहरादून पुलिस ने शनिवार शाम चार बजे नीरज चौहान को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रिंकी साहनी की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसकी जमानत को नामंजूर करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
नीरज के जमानती प्रार्थना पत्र पर अब नौ दिसंबर को सुनवाई होगी। नीरज चौहान को पुलिस ने अपर सचिव जेपी जोशी का कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया था।
शनिवार को अदालत में नीरज चौहान के वकील रॉबीन राणा ने उसकी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के समक्ष कहा कि चूंकि वह समाजवादी पार्टी से टिहरी लोकसभा का प्रत्याशी है। इसलिए उसे फंसाया जा रहा है।
उसका अपर सचिव को धमकी देने से कोई लेना देना नहीं है। कहा गया कि धमकी देने वाला नीरज नहीं, बल्कि सोएब नाम का कोई व्यक्ति है। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नीरज के जमानती प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
अदालत में नीरज चौहान को पेश करने की जानकारी मीडिया कर्मियों और अधिवक्ताओं को लगने पर सुबह से ही कोर्ट में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। शाम चार बजे नीजर को अदालत में पेश करने के दौरान पुलिस को भारी भीड़ के चलते खासी मशक्कत करनी पड़ी।
नीरज पर कई संगीन धाराएं
नीरज पर धारा 384 (फिरौती मांगना), 389 (फिरौती के लिए भय दिखाना), 504 (इरादतन मानहानि), 120 बी षड्यंत्र एवं 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस तिवारी के मुताबिक आरोप साबित हुए तो इन धाराओं में दस साल तक की सजा हो सकती है।
टिहरी सीट पर लोकसभा प्रत्याशी है नीरज
जेपी जोशी प्रकरण में ब्लैकमेलिंग के आरोपी नीरज चौहान के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रत्याशी होने की बात सामने आ रही है।
उधर, पार्टी अपने स्तर पर जांच की बात कर रही है जबकि कुछ कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को पत्र भेज चौहान को बर्खास्त करने की मांग की है।
पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने माना कि चौहान को पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए टिहरी से प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है जो ब्लैकमेलिंग मामले में चौहान की भूमिका की जांच करेगी।
जांच में चौहान दोषी पाया गया तो उसे बर्खास्त किया जाएगा, वर्ना पार्टी चौहान का पूरा साथ देगी। उधर, पार्टी जिलाध्यक्ष गुलफाम अली और व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष सोमप्रकाश चौहान का कहना है कि पार्टी प्रत्याशी का नाम ब्लैकमेलिंग में सामने आने से पार्टी की छवि के साथ कार्यकर्ताओं को भी ठेस पहुंची है।
बताया कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को पत्र भेजकर चौहान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं, शनिवार को चौहान को कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इनमें पार्टी की महिला विंग की महानगर अध्यक्ष केशर जहां, सुभाष, मुरारीलाल आदि शामिल थे।