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एमएसवीएच के प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य भी हटाए गए

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द इंपावरमेंट ऑफ पर्संस विद विजुअल डिसेबिलिटीज (एनआईईपीवीडी) के अंतर्गत मॉडल स्कूल फॉर विजुअली हैंडीकैप्ड (एमएसवीएच) के प्रधानाचार्य कमलवीर सिंह जग्गी और उप प्रधानाचार्य अनुश्रुया शर्मा को भी हटा दिया गया है। नए निदेशक डॉ. केवीएस राव ने पदभार संभालने के बाद यह कार्रवाई की है। कमलवीर सिंह जग्गी के स्थान पर डॉ. गीता माथुर को प्रधानाचार्य और अनुश्रुया की जगह अमित शर्मा को उप प्रधानाचार्य बनाया गया है। इधर, छात्रों ने आगामी 27 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। संस्थान परिसर में छात्र अब भी आंदोलन पर डटे हैं।
शुक्रवार को एर्नआईपीवीडी में नए डायरेक्टर डॉ. केवीएस राव ने पदभार संभाल लिया। उन्होंने छात्रों की मांग और अब तक सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर दो अधिकारियों को संस्थान के विभिन्न विभागों से तैनात किया गया है। वहीं, छात्रों ने अब नए निदेशक को दो सूत्री ज्ञापन देकर मांगों को जल्द पूरा करने को कहा है। छात्रों का कहना है कि यदि 27 अगस्त तक पूर्व निदेशक अनुराधा डालमिया बर्खास्त नहीं होती हैं तो वे भूख हड़ताल करने पर विवश होंगे। इसके अलावा उन्होंने अपनी 30 अन्य मांगों को पूरा करने के लिए भी 27 अगस्त की डेडलाइन घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन लेने के बाद निदेशक केवीएस राव ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे किसी भी शर्त पर आंदोलन समाप्त करने को राजी नहीं हुए। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें अब भी वही हैं जो पहले थीं। ऐसे में उन्हें बार-बार आंदोलन खत्म करने के लिए क्यों कहा जा रहा है।
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रात में छात्रों के साथ हुई बैठक
निदेशक केवीएस राव ने छात्रों के साथ रात नौ बजे के बाद बैठक की। राव ने उनकी सभी मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, लेकिन छात्र मांगों को जल्द पूरा कराने की बात पर अड़े रहे। छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया।
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सुचित नारंग की गिरफ्तारी को पुलिस की दबिश

नैनीताल से खाली हाथ लौटी पुलिस, पिता से हुई मुलाकात
नारंग के पीछे लगी हैं पुलिस की दो टीमें, सर्विलांस पर नंबर

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। एमएसवीएच में दृष्टिबाधित छात्राओं से छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण के आरोपी सुचित नारंग की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस टीमों ने उसके कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। शुक्रवार दोपहर एक टीम सुचित नारंग की तलाश में नैनीताल भी गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। वहां उसके पिता से पुलिस की बात हुई थी। बताया जा रहा है कि उसके पिता सुचित की गिरफ्तारी पर स्टे लेने की जुगत में लगे हैं।
बीते 18 अगस्त को राजपुर थाने में सुचित नारंग के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने चार छात्राओं के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए, जिनमें उन्होंने पुलिस को दिए बयानों की पुष्टि की थी। इस पर पुलिस ने जब सुचित नारंग के पक्ष को जानना चाहा तो वह नहीं मिला। नारंग का मोबाइल भी उसी दिन से स्विच ऑफ हो गया है। दो दिनों तक सामान्य तलाश के बाद पुलिस ने अब उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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एसओ राजपुर अरविंद चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को नारंग के नैनीताल में होने की सूचना मिली थी। इस पर चार सदस्यीय टीम को नैनीताल भेजा गया था, मगर वहां एक होटल में नारंग के पिता से मुलाकात हुई। उसके पिता ने नारंग के बारे में कोई सूचना होने से इनकार किया है। उसके नंबर को भी सर्विलांस पर लगाया गया है, मगर उसके बारे में फिलहाल कोई सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। वर्तमान में दो टीमें सुचित नारंग की तलाश में जुटी हैं। एसओ ने बताया कि जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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